आगरा। नाबालिगों को वाहन देना अभिभावकों पर भारी पड़ सकता है। अब उनके वाहन चलाने पर मुकदमा दर्ज होगा। यातायात निदेशालय के निर्देश पर कमिश्नरेट में अभियान शुरू किया गया है। गुरुवार को स्कूलों के पास यातायात पुलिस ने 100 से अधिक स्कूली छात्रों के चालान किए। अभी दो-तीन दिन तो चालान किए जा रहे हैं लेकिन आने वाले दिनों में मुकदमे लिखे जाएंगे।
एसीपी ट्रैफिक सैयद अरीब अहमद ने बताया कि 16 साल से 18 साल की उम्र के बीच नाबालिग 50 सीसी का वाहन चला सकते हैं। वर्तमान में कोई भी वाहन 50 सीसी का नहीं है। ई वाहन भी 50 सीसी से अधिक के हैं। ड्राइविंग लाइसेंस 18 साल से पहले नहीं बनता है। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे दोपहिया वाहन से स्कूल आते हैं। मिशनरी स्कूलों में वाहनों की अंदर एंट्री नहीं है। स्कूलों के आस-पास प्राइवेट स्टैंड हैं। छात्र वहां वाहन खड़ा करते हैं। प्राइवेट स्कूलों में दसवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थी वाहन लेकर स्कूल में आते हैं। स्कूल के अंदर ही वाहन खड़े करते हैं। शुरू के कुछ दिन यातायात पुलिस जागरूकता के रूप में अभियान चला रही है। इस दौरान सिर्फ चालान किए जा रहे हैं। चालान पांच हजार रुपये तक के किए जा रहे हैं। आगे चलकर सख्ती बढ़ा दी जाएगी। मुकदमा लिखा जाएगा। इसमें गाड़ी का रजिस्ट्रेशन जिसके नाम होगा वह आरोपित बनेगा। 25 हजार रुपये तक जुर्माने और सजा दोनों का प्रावधान है। इतना ही नहीं जो नाबालिग वाहन चला रहा होगा उसका 25 साल की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनेगा।











