आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में परीक्षाओं की कॉपी बदले जाने का मामला सुर्खियों में छाया हुआ है। पुलिस ने टेंपो चालक सहित आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा है। इसमें एजेंसी के भी कर्मचारी शामिल हैं। एजेंसी के कर्मचारियों से रजिस्टर तलब किए गए हैं।
विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन और बीएएमएस कोर्स की परीक्षाएं चल रही हैं। देवेंद्र नाम का एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी ऑटो चलाता है। इस पर आरोप है कि वह कॉपियां सीधे एजेंसी के पास पहुंचाने की जगह बीच में बदलवाता था। एसपी सिटी और एएसपी हरीपर्वत पूछताछ के लिए उसे नेहरू नगर पुलिस चौकी पर ले गए। देर शाम को एजेंसी के कर्मचारी दीपक सहित अन्य कई कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। एजेंसी पर मौजूद रजिस्टर देखे जा रहे हैं कि इनमें कॉपी आने की एंट्री कितने बजे होती है। इधर देवेंद्र से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इतना गोपनीय काम कराया जा रहा था। यह देखकर अधिकारी हैरान हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह काम तो किसी स्थाई कर्मचारी से कराना चाहिए था। अधिकारियों को यह भी पता चला है कि देवेंद्र पूर्व में बीए विभाग में दलाली का काम करता था। बाद में आउटसोर्सिंग के माध्यम से विश्वविद्यालय में आ गया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। देर रात तक पूछताछ जारी थी। पूर्व में भी उसने कॉफी बदलवाई हैं या नहीं यह पूछताछ की जा रही है। एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
आज भी नहीं चले 72 में से 34 कॉलेजों में कैमरे
13 अगस्त से विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हो गई थी। परीक्षाओं में पहले दिन से ही कई केंद्रों पर कैमरे नहीं चल रहे हैं। आज पहली पाली में एक या दो कॉलेजों में परीक्षा थी। दूसरी पाली की बात करें तो उसमें भी केवल 72 कॉलेजों में परीक्षा हुई। कंट्रोल रूम प्रभारी प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक 72 कॉलेजों में से 20 कॉलेजों में कैमरे ऑफलाइन थे। 14 ने लॉगइन आईडी और पासवर्ड नहीं दिए। कुल मिलाकर 34 कॉलेजों में कैमरे नहीं चले। इधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में भी टीमें भेजी। मथुरा में पहुंची प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव की टीम ने चार कॉलेजों में कैमरे चालू कराए। प्रोफेसर मनोज उपाध्याय की टीम ने भी फिरोजाबाद में कुछ कॉलेजों में कैमरे चालू कराए।











