आगरा। एत्माउद्दौला में छोटे भाई को पीट पीटकर कर हत्या करने के आरोप झूठे निकले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक भाई के शरीर पर एक भी चोट का निशान नहीं पाया गया। मौत का कारण हार्ट अटैक आया है। सवाल खड़े हो रहे हैं जब पीट-पीट कर हत्या की गई थी तो शरीर पर एक भी चोट का निशान क्यों नहीं आया? चर्चा है कि मौत को हत्या का रूप दिया गया। इसलिए पुलिस भी अब किसी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है।
नुनिहाई लिंक रोड पर रागेन्द्र अपने परिवार के साथ रहते थे। रागेंद्र सिंह के बड़े भाई साहब सिंह भी यहीं रहते हैं। शुक्रवार और शनिवार की रात रागेद्र सिंह की मौत हो गई थी। परिजनों का कहना था कि परिवार में लंबे समय से जमीन का बंटवारा नहीं होने को लेकर तनाव चल रहा था। शनिवार देर रात लगभग डेढ़ बजे साहब सिंह ने घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलने के बाद साहब सिंह और उनके साथ मौजूद लोगों ने रागेद्र के पेट और छाती पर कई घूंसे मारे। इसके बाद वह बेहोश होकर गिर गए। परिवारजन उन्हें तत्काल पास के दो प्राइवेट अस्पतालों में ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने से मना कर दिया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या होने की बात को इंस्पेक्टर देवेंद्र दुबे ने गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर एक भी चोट का निशान नहीं आया है। इससे वह बात झूठ साबित हुई की पीट-पीटकर हत्या की गई थी। हत्या का कारण हार्ट अटैक आया है। परिजनों ने पुलिस में पहले जो तहरीर दी थी उसमें हत्या की बात नहीं कही थी। बाद में जो तहरीर दी उसमें हत्या के आरोप लगाए गए। जांच में पाया जा रहा है कि कुछ लोग बेवजह मामले को हत्या का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।











