आगरा। अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव में कलाकारों द्वारा अपनी धमाकेदार प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीता जा रहा है। आज दूसरे दिन हरमनप्रीत के निर्देशन में पंजाब के कलाकारों ने गिद्धा प्रस्तुत कर दिल जीत लिया। दर्शक कुर्सी पर बैठे-बैठे थिरकने लगे। बच्चों ने एक मिनट में ही नृत्य और संवाद के माध्यम से जता दिया कि वे रंगकर्म को सुरक्षित रखेंगे। दिव्यांग बच्चों ने ऐसी शानदार प्रस्तुति दी कि सबके नेत्र सजल हो उठे। यह भी स्पष्ट हुआ कि रंगकर्मी के लिए आँखें जरूरी नहीं हैं।
‘आजादी का अमृत महोत्सव’ को समर्पित रंग महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगनाओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन नटरांजलि थिएटर आर्ट्स (एनटीए, आगरा) द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। संरक्षक विजय किशोर बंसल और डॉ. आनंद टाइटलर ने बताया कि कल भी कलाकारों द्वारा शानदार प्रस्तुतियां प्रस्तुत की जाएंगी।
7वें अंतरराष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रमों का शुभारंभ सभी कलाओं के स्वामी नटराज की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर विवि के कुलसचिव विनोद कुमार सिंह, संरक्षक डॉ. आनंद टाइटलर, होटल व्यवसायी अतुल तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार गौरव प्रताप सिंह, आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. जयदीप मल्होत्रा, डायटीशियन डॉ. रेणुका डंग, प्राची राज, डॉ. मदन मोहन शर्मा, संरक्षक डॉ. आनंद टाइटलर, एनटीए की ब्रांड अम्बेसडर सुधा थामोथिरन, रोहित कत्याल, अलका सिंह व अन्य मौजूद थे।
डॉ. जयदीप मल्होत्रा का सम्मान
आईवीएफ के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त और रेनबो आईवीएफ की निदेशक डॉ. जयदीप मल्होत्रा को कला मनीषी पद्मश्री बाबा योगेन्द्र जी स्मृति सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान डॉ. रेणुका डंग और एनटीए की ब्रांड अम्बेसडर सुधा थामोथिरन ने प्रदान किया। इस मौके पर डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि वे बिना शर्त नटरांजलि थिएटर आर्ट्स की मदद करेंगी। अलका सिंह जो हमारे हेरिटेज और संस्कृति रंगकर्म को सुरक्षित करने का काम कर रही हैं, वह अत्यंत कठिन है। उन्होंने एनएटी के संरक्षक का दायित्व भी संभालने की घोषणा की।
इन कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां
मलेशिया से महोत्सव की ब्रांड एम्बेसडर नृत्याचार्य थामोथीरन मलेशियन ने भरतनाट्यम प्रस्तुत किया। इजिप्ट से मोहम्मद अशरफ के निर्देशन में लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया। बांग्लादेश के कलाकारों ने शहीन के नेतृत्व में प्रस्तुति दी। सिवान की टीम ने भोजपुरी फिल्म अभिनेता विजय श्रीवास्तव एवं यादव के निर्देशन में पाश्चात्य नृत्य प्रस्तुत किए। धनबाद, झारखंड की नन्हीं कलाकार डॉल कनक ने एक बार फिर बॉलीवुड नृत्य कर दिल जीत लिया। पश्चिम बंगाल से गुरु शर्मिष्ठा के निर्देशन में शानदार प्रस्तुतियां हुईं। काहिरा, इजिप्ट के कलाकार मेन्ना, होडा, मोहम्मद अल्ला ने मोहम्मद अशरफ के निर्देशन में नृत्य प्रस्तुति दीं। बांग्लादेश के कलाकार मनोश कर, इमरान कौसर तथा अराफत इस्लाम ने दूसरे दिन भी प्रस्तुति दी। खरगपुर पश्चिम बंगाल की कलाकार दक्षिना दास अधिकारी, बर्नाली दोया सन्त्रा की प्रस्तुति रोमांचक रही। अहमदाबाद, गुजरात के कलाकार जीनल, मैत्री, आरसी, बंधवी, पर्नशी, कैनाज़, जिनान्शी, ईशा ने समूह नृत्य प्रस्तुति दी। जादूगर एस. कुमार ने जादू दिखाकर सबको हैरत में डाल दिया।
कार्यक्रम में विजय श्रीवास्तव, शबाना खंडेलवाल, बबीता चौहान, रानी सिंह, सोमा, डॉ. वत्सला प्रभाकर, अनीता दुबे, एसपी सरीन, डॉ. प्रकाश नारायण शिरोमणि आदि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में 1987 बैच के आईपीएस वीरेंद्र कुमार की पत्नी मनोज कुमारी ने कलाकारों को सम्मानित किया।










