आगरा। रक्षाबंधन त्योहार पर आगरा के भाई-बहन ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा जूनियर डिवीजन में चयनित होकर अपने परिवार को तोहफा दिया है। एक साथ भाई-बहन के चयन पर परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। भाई-बहन के चयन के बाद अब उनके घर में चार जज हो गए हैं। दूसरी और दयालबाग में रहने वाले एक प्रोफेसर की बेटी भी जज बनी हैं। वहां भी खुशियों की लहर दौड़ पड़ी है। प्रोफेसर का कहना है कि उनकी बेटी ने उनका नाम रोशन कर दिया है।
खंदौली के नगला अर्जुन में रहने वाली शैलजा की 51वीं रैंक आई है जबकि उनके भाई सुधांश की 276वीं रैंक है। इनके पिता आरबी मौर्य भी सेवानिवृत न्यायाधीश है, जबकि शैलजा के बड़े भाई अर्जित सिंह भी भदोही में सिविल जज के पद पर हैं। राजबहादुर सिंह मौर्य एक माह पहले जिला जज संवर्ग (प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट) के पद से एटा से रिटायर हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। तीनों बच्चे न्यायिक सेवा में हैं। बड़ा बेटा अरिजीत सिंह का चयन 2018 में प्रथम प्रयास में हुआ था। इस समय भदोही जिले में सिविल जज के पद पर तैनात हैं। इसके बाद उनकी बेटी शैलजा और छोटा बेटा सुधांशु हैं। दोनों बच्चों का भी न्यायिक सेवा में चयन हो गया। ये उनके लिए बहुत गर्व की बात है।

शैलजा ने पीसीएस-जे में 51वां स्थान प्राप्त किया है। शैलजा ने बताया कि कक्षा नौ में आने के बाद उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें भी पिता की तरह न्यायिक सेवा में जाना है। इसलिए 12वीं के बाद उन्होंने बीए-एलएलबी की। उन्होंने बैडमिंटन खेलना छोड़ दिया।राममनोहर लोहिया नेशनल लॉ कॉलेज लखनऊ से बीए एलएलबी किया। वह अपने बैच की गोल्ड मेडलिस्ट रहीं थीं। एलएलबी करने के बाद पूरा फोकस केवल पढ़ाई पर रहा। इस बीच बड़े भाई का चयन पीसीएस-जे में हो गया तो उनसे और प्ररेणा मिली। शैलजा ने बताया कि पहले वह एक टॉपिक तैयार करती थीं तो दूसरे दिन भाई। इस तरह वो साथ पढ़ते थे। किसी तरह की परेशानी होने पर बड़े भाई की मदद लेते थे। वहीं पिता भी उनको गाइड करते रहते थे। वह दिन में करीब 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे।
प्रोफेसर रनवीर सिंह की बेटी निकिता सिंह की 75वीं रैंक
आगरा। दयालबाग में रहने वाले प्रोफेसर रनवीर सिंह मैनपुरी में नेशनल पीजी कॉलेज में हैं। बड़ी बेटी निकिता सिंह की पीसीएस जे में 75 वीं रैंक आई है। निकिता शुरू से ही पढ़ने में तेज रही हैं। दसवीं सेंट कॉनरेड और 12वीं दयाल बाग के प्रेम विद्यालय से किया है। इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी, मुंबई की एक यूनिवर्सिटी से एलएलएम किया। निकिता रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थी। निकिता बैडमिंटन और ताइक्वांडो की भी खिलाड़ी रही हैं। बेटी का पीसीएस जे में चयन होने पर पारिवारीजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। निकिता सिंह ने पिता रनवीर सिंह और मां संगीता सिंह को सफलता का श्रेय दिया है। प्रोफेसर रनवीर सिंह ने बताया कि उनका बेटा भी कानपुर आईआईटी से बीटेक कर रहा है। दूसरी बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीएससी लाइफ साइंस की पढ़ाई कर रही है। रनवीर सिंह की बेटी का चयन होने पर उनके घर पर प्रोफेसर पुष्पेंद्र सिंह, प्रोफेसर भूपेंद्र चिकारा, प्रोफेसर लवकुश मिश्रा, प्रोफेसर राजकिशोर सिंह, डॉक्टर आनंद टाइटलर सहित कई शिक्षा विद बधाई देने के लिए पहुंचे।












