आगरा। पुलिस कमिश्नर ने क्राइम मीटिंग में निर्देश दिए थे कि गैंगस्टर की कार्रवाई तेजी से की जाए। इसके बाद उनकी फाइल चल रही है। हैरानी की बात यह है कि किस पर गैंगस्टर की कार्रवाई हो रही है यह जानकारी उन्हें हो गई है। कुछ तो निरस्त कराने की जुगाड़ में भी जुट गए हैं। फाइल की सभी को लाइव लोकेशन भी मिल रही है कि इस समय फाइल कहां पर पहुंच गई है। मुकदमे लिखे जाने से पहले चर्चित आरोपित अपने बैंक खाते खाली करने में जुट गए हैं। कुछ अपनी संपत्तियों के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। ताकि जब संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की बारी आए तो पुलिस को चम्मच और भगोने के अलावा कुछ नहीं मिले।
कुछ दिनों पहले पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बैठक में गैंगस्टर चिन्हित करके फाइलें न भेजने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि आप लोग इतने भी नए नहीं हैं कि मैं आपको यह भी बताऊं की कार्रवाई करनी है या नहीं।इसके बाद कार्रवाई में तेजी आई। थानों में पुराने मुकदमे खंगाले गए। आरोपियों को चिन्हित किया गया। गैंगचार्ट बनाया गया। फाइल आगे बढ़ाई गई। इसी दौरान सिकंदरा थाने से चर्चित बुकी संजय कालिया, राजीव चोपड़ा, हरीश कुमार, मनीष मनानी, पंकज और संदीप गुलाटी की फाइल भेजी गई। एक फाइल आईपीएल सट्टे में पकड़े गए जगदीशपुरा बीघा नगर निवासी रिंकू, बादल, संजय दिवाकर, जगत सिंह, सिद्धार्थ, सुमित की भेजी गई। आरोपियों को फाइल की लाइव लोकेशन मिल रही है। फाइल पर किसके साइन हो गए। किस-किसके नाम हैं। गैंगचार्ट में किसका नाम सबसे ऊपर है। किस मुकदमे में गैंगस्टर बनाया गया है। गैंगस्टर की फाइल विधिक राय के लिए कहां भेजी जाती है। आखिरी मुहर किसकी लगती है। यह सभी जानकारी उनके पास है। कुछ लोगों ने तो अधिकारियों के नाम पर यह ठेका भी ले लिया है कि वह नाम निकलवा देंगे। यह तो समय आने पर ही पता चलेगा कि यह बात हवाई है या सच थी। इधर बताया यह भी जा रहा है कि जिन-जिन लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होने वाली है। इस दौरान वह अपने बैंक खाते खाली करने में जुटे हैं। संपत्तियां बेचने में लगे हैं। पूर्व में ऐसा हो चुका है। पुलिस ने बड़े बुकी अंकुश मंगल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी। संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई से पहले उसने अपनी कई संपत्तियां बेच दी थीं।











