आगरा। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कल अपने गृह जनपद आगरा पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा प्रशासनिक और पारिवारिक दोनों ही दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 23 घंटे के इस प्रवास को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों से लेकर स्थानीय प्रशासन तक सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक जून को सड़क मार्ग से शाम करीब 4 बजे आगरा पहुंचेंगे। वह शहर में रात्रि विश्राम करेंगे और दो जून को दोपहर करीब 3 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। उनके दौरे को देखते हुए जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का आगरा से पुराना और भावनात्मक रिश्ता रहा है। उनका परिवार लंबे समय तक शहर के विजय नगर क्षेत्र में रहा है। उनके पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता आगरा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं और चिकित्सा व प्रशासनिक क्षेत्र में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता रहा है। ज्ञानेश कुमार का परिवार शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में लंबे समय से सक्रिय रहा है। यही वजह है कि उनका आगमन प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस दौरे की सबसे खास बात यह है कि उनके दामाद मनीष बंसल वर्तमान में आगरा के जिलाधिकारी हैं। हाल ही में मनीष बंसल की आगरा डीएम के रूप में तैनाती हुई है, जिसके बाद यह पारिवारिक रिश्ता शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 2014 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष बंसल अपनी प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर पहले से ही चर्चाओं में रहे हैं। वहीं उनकी पत्नी मेधा रूपम भी वर्तमान में नोएडा की जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। हालांकि इस दौरे को निजी और पारिवारिक बताया जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त स्थानीय प्रशासन और निर्वाचन तैयारियों को लेकर अधिकारियों से अनौपचारिक संवाद कर सकते हैं। फिलहाल निर्वाचन आयोग की ओर से किसी औपचारिक बैठक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सीईसी के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मुख्य चुनाव आयुक्त के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। उनके रूट, ठहरने के स्थान और संभावित कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा का विशेष इंतजाम रहेगा। पुलिस, खुफिया एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी लगातार समन्वय बैठकों में जुटे हैं। जेड प्लस सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा व्यवस्था की कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है।











