आगरा। आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ के द्वारा उप स्टेशन प्रबंधक नरेंद्र सिंह चाहर के साथ की गई पिटाई के विरोध में पूरा परिवार और रेलकर्मी उतर आये हैं। डीआरएम कार्यालय में जहां पत्नी हरेंद्र ने पति के सम्मान की रक्षा के लिए जान देने की बात कही वहीं नरेंद्र की बहन सहित आधा दर्जन से अधिक महिलाएं कैंट रेलवे स्टेशन में पहुंच गई और ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन किया। कई महिलाएं पटरी पर लेट गई और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को बर्खास्त करने की मांग की।
रविवार सुबह कैंट रेलवे प्लेटफॉर्म संख्या एक पर हीराकुंड एक्सप्रेस रुकी थी। ट्रेन चलते ही रुक गई। आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन, आरक्षी जितेंद्र और बदन सिंह समेत अन्य जवान चेन पुलिंग के आरोप में बी-3 कोच में सवार भुवनेश्नर निवासी आशीष कुमार और उनकी पत्नी रंजीता को पकड़ कर ले जाने लगे। प्लेटफॉर्म पर मौजूद डीएसएम नरेंद्र चाहर ने विरोध किया। आरपीएफ जवानों को बताया कि महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी। हादसे की आशंका पर उन्होंने ट्रेन के गार्ड से वॉकी-टॉकी पर बात करके उसे रोकने को कहा। यात्री आशीष कुमार का भी यही कहना था कि पत्नी रंजीता ट्रेन रुकने पर कुछ सामान लेने उतरी थीं। इसी दौरान ट्रेन चल दी, वह घबरा गईं और दौड़कर चलती गाड़ी में चढ़ने का प्रयास करने लगीं। वहीं, आरपीएफ जवान बी-3 कोच से चेन पुलिंग का आरोप लगा रहे थे। जिसे लेकर डीएसएम नरेंद्र चाहर और आरपीएफ जवानों के बीच तड़का-भड़की हो गई थी। आरपीएफ जवानों ने डीएसएम का कालर पकड़ लिया और मारपीट करते हुए आरपीएफ थाने की ओर ले जाने का प्रयास करने लगे थे। विरोध करने पर आरपीएफ जवान डीएसएम को प्लेटफार्म पर घसीटते हुए ले जाने लगे। आरपीएफ जवानों द्वारा डीएसएम की पिटाई से वहां अफरातफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आरपीएफ के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें बर्खास्त किए जाने को लेकर नरेंद्र के परिजनों ने सोमवार को स्टेशन पर हंगामा किया। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के द्वारा भी जमकर नारेबाजी की गई। करीब 6 से 7 घंटे स्टेशन पर हंगामा चला। शाम को रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक होने के बाद वह शांत हुआ। हंगामे के दौरान यात्रियों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जो विदेशी पर्यटक आए थे वह भी अपने कमरे में प्रदर्शन को कैद कर रहे थे।











