आगरा। आगरा के बहुचर्चित चार वर्षीय गोल्डी अपहरण कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी शोएब को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मजबूत साक्ष्यों, पुलिस की प्रभावी पैरवी और त्वरित जांच के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
मामला अक्टूबर 2025 का है, जब ताजगंज क्षेत्र की पुरानी मंडी में रहने वाली चार वर्षीय मासूम गोल्डी अपने दादा के साथ घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी शोएब बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। अचानक बच्ची के गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया और इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें आरोपी शोएब मासूम गोल्डी का हाथ पकड़कर ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगरा पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने बच्ची के अपहरण की साजिश उसे बेचने और मानव तस्करी के इरादे से रची थी। लगातार दबिश और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने दिल्ली से चार वर्षीय गोल्डी को सकुशल बरामद कर लिया था। बच्ची की सुरक्षित वापसी के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की थी। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की उस समय भी व्यापक सराहना हुई थी। इस मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था और लोगों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।










