आगरा। एक तरफ जहां सरकार मिशन शक्ति को लेकर तमाम अभियान चला रही है। महिला संबंधी सुरक्षा के लिए जागरुक कर रही है। वहीं दूसरी ओर आगरा पुलिस महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को थाने से बड़ी आसानी से दफा 34 का चालान करके छोड़ रही है। यहां मिशन शक्ति अभियान और ऑपरेशन गरुड़ जैसे अभियान क्या सिर्फ वाह-वाही लूटने के लिए चलाए जा रहे हैं। यह सवाल खड़े हो रहे हैं।
न्यू आगरा थाना क्षेत्र में स्थित कंपोजिट स्कूल के सामने एक विशेष सम्प्रदाय का युवक खड़ा होकर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करता था। छात्राओं ने परेशान होकर शिक्षिकाओं से शिकायत की। शिक्षिकाओं ने एंटी रोमियो को सूचना दे दी। एंटी रोमियो ने आरोपी को मौके से पकड़कर न्यू आगरा थाने में ले जाकर बंद करा दिया। थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज ना कर उसे छोड़ दिया। मामला एसीपी हरीपर्वत के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने मामले की जांच शुरू की। जांच में यह स्पष्ट हो गया आरोपी को थाने से छोड़ा गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज न कर दफा 34 का ही चालान किया गया है। पुलिस ने अपने को फसता हुआ देखकर तर्क दिया है कि आरोपी की मानसिक स्थिति सही नहीं थी। इस बात पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या उसका इलाज चलने के कागज देखे थे? मानसिक चिकित्सालय के चिकित्सकों से उसका परीक्षण कराया था? इधर एसीपी ने पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दे दी है। अब देखने वाली बात यह होगी की कुछ कार्रवाई होगी या नहीं?











