आगरा। सोमवार को आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने विकास कार्यों और कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में कई अधिकारियों को अनुपस्थित देख वह नाराज हुए और उनका स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। बिना नंबरों के चलने वाले डंपरों को लेकर भी वह काफी नाराज हुए।
बैठक की शुरुआत में ही प्रभारी मंत्री ने अनुपस्थित अधिकारियों की जानकारी ली। इस दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई और अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी (निर्माण खंड भवन) बैठक से नदारद पाए गए। इस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जिला जेल में मशक्कत के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत उठाई। इस पर जिला जेल अधीक्षक ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जेल में पहले से 60 सीसीटीवी कैमरे लगे थे। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 32 और सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। हर सर्किल में शिकायत पेटिका की व्यवस्था है। शिकायतों का उच्च स्तर पर निस्तारण किया जाता है। प्रमुख स्थानों पर वरिष्ठ जेल अधिकारियों के मोबाइल नंबर लिखवाए गए हैं। इस तरह की शिकायत न तो सीसीटीवी में सामने आई, न शिकायत पेटिका में, न बंदियों के परिजनों द्वारा दी गई है। जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जो बंदी स्वेच्छा से श्रम करते हैं, उन्हें निर्धारित दर पर पारिश्रमिक दिया जाता है। पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान हाल ही में गोबर चौकी क्षेत्र में 8 वर्षीय बच्ची से जुड़े दुखद प्रकरण में पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की प्रभारी मंत्री ने सराहना की। साथ ही जनप्रतिनिधियों ने जिले में बिना नंबर के डंपरों द्वारा अवैध खनन का मुद्दा उठाया। बैठक में प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त कमेटी बने। बिना नंबर डंपरों के खिलाफ सघन और प्रभावी कार्रवाई हो। बैठक में किसानों और पीडब्ल्यूडी के लिए मिट्टी उठान में राहत के संकेत दिए गए। बैठक में सड़क की पटरी निर्माण जैसे कार्यों के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को मिट्टी उठान की अनुमति देने पर सहमति बनी। प्रभारी मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि किसानों को भी निजी कार्यों के लिए सुगमता से मिट्टी उठान की व्यवस्था मिले। अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएं न खड़ी की जाएं। आईजीआरएस फीडबैक के आधार पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को बैठक में कड़ी चेतावनी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, बाह, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला चिकित्सालय शामिल हैं। प्रभारी मंत्री ने साफ कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। सिर्फ निस्तारण नहीं, शिकायतकर्ता का संतुष्टि स्तर भी सुधरे। लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी।











