आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज की पैरा मेडिकल छात्रा की खुदकुशी की वजह अभी उजागर नहीं हुई है। पुलिस यह पता नहीं लगा सकी है कि उसे फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी कौन दे रहा था। लोहामंडी पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए साइबर सेल की मदद ली है।
कौशांबी निवासी छात्रा आगरा में किदवई पार्क इलाके में कमरा लेकर किराए पर रहती थी। बुधवार की सुबह उसका शव फंदे से लटका मिला था। मंगलवार देर रात उसने खुदकुशी की थी। उसके पिता ने अज्ञात युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि कोई सिरफिरा बेटी को धमका रहा था। छात्रा का मोबाइल बंद मिला था। उसकी व्हाट्स एप की चैट और कॉल हिस्ट्री डिलीट मिली थी। मोबाइल का डाटा विधि विज्ञान प्रयोगशाला में रिकवर होगा। छात्रा का मोबाइल जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। सॉफ्टवेयर की मदद से पुराना डाटा रिकवर किया जाता है। पहले यह तकनीक सीबीआई की फोरेंसिक लैब के पास थी। अब आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भी मोबाइल डाटा रिकवर हो जाता है। मोबाइल डाटा लैब में रिकवर होने में समय लग सकता है। पुलिस को मुकदमे में आगे बढ़ना है। आरोपित कौन है यह पता लगना है।
एसओ लोहामंडी रोहित कुमार ने बताया कि आपराधिक मामले में व्हाट्स एप और फेसबुक से भी मदद मिलती है। साइबर सेल की मदद से छात्रा के पिता द्वारा लिखाए मुकदमे की प्रति व्हाट्स एप को भेजी गई है। व्हाट्स एप का सर्वर अमेरिका में है। दो दिन की चैट और व्हाट्स एप कॉल हिस्ट्री मिल जाएगी तो गुत्थी सुलझ सकती है। यह पता चल जाएगा कि छात्रा ने खुदकुशी से पहले किससे बातचीत की थी। कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है। आशंका है कि छात्रा ने साधारण कॉल पर बातचीत नहीं की होगी। व्हाट्स एप कॉल किया होगा। अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी छात्रा का प्रोफाइल तो नहीं है, यह भी देखा जा रहा है।











