आगरा। किसान आंदोलन पर विवादित बयान देने वाली फिल्म अभिनेत्री बीजेपी सांसद कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गुरुवार को स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई थी लेकिन उनकी ओर से कोई भी हाजिर नहीं हुआ। उन्हें आगरा के एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन बार नोटिस जारी किए हैं, लेकिन उनकी ओर से न तो कोई अधिवक्ता पेश हुआ है और न ही वे खुद कोर्ट में हाजिर हुई हैं।
अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को स्पेशल कोर्ट, एमपी एमएलए के समक्ष प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया था कि 26 अगस्त 2024 को कंगना रनौत द्वारा दिल्ली बार्डर पर धरने पर बैठे किसानों के लिए अभद्र बयान दिया गया था। इसके बाद 17 नवंबर 2021 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसात्मक सिद्धांत का मजाक उड़ाते हुए ‘गाल पर चांटा खाने से भीख मिलती है, आजादी नहीं’ बयान दिया था। उक्त बयानों को पूरे देश की जनता का अपमान बताते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई थी। गुरुवार को केस की सुनवाई थी। वादी पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने नौ जनवरी का दिन आदेश के लिए नियत कर लिया है।











