आगरा। स्कूल ऑफ एजुकेशन, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट द्वारा पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन फॉर टीचर्स एंड टीचिंग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत इंटीग्रेशन ऑफ़ परफोर्मिंग आर्ट्स इन टीचिंग लर्निंग नामक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अथिति संगीत विभाग की प्रो. सुधा सहगल ने शिक्षण में संगीत के एकीकरण के महत्व को उजागर किया।
प्रथम सत्र में प्रो. सुधा सहगल ने संगीत गायन के माध्यम से कक्षा में अधिगम को रोचक बनाने की युक्तियों का प्रदर्शन किया। द्वितीय सत्र मे प्रो. नीलू शर्मा ने तबले पर कई तालो के वादन से शिक्षण करना तथा स्कूल में पढ़ाए जाने वाले पाठों का कथक नृत्य द्वारा प्रदर्शन किया।
तृतीय सत्र मे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कथक नृत्यांगना डॉ. काजल शर्मा ने अपने अनुभवों को साझा किया और उन्होंने कथक को योग व पाठ्यक्रम से कैसे जोड़ते हैं पर व्याख्यान एवम प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने कक्षा में संगीत समाहित करने के सामूहिक उदहारण प्रस्तुत किये। सत्र का संचालन डॉ. कल्पना गुप्ता ने किया। समापन समारोह कि अध्यक्षता प्रो. सविता श्रीवास्तव की। कार्यशाला में 100 पूर्व शिक्षक, 30 शिक्षक तथा 35 विश्व विद्यालय शिक्षाकों ने भागेदारी की। प्रो. एनपीएस चंदेल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।कार्यशाला के सयोजिका डॉ. मनु शर्मा,प्रो. अरुण कुलश्रेष्ठ, प्रो. पी एस त्यागी, डॉ. आरती सिंह, डॉ. ज्योतिका खरबंदा, डॉ. प्रीति शर्मा, डॉ. शालिनी वर्मा, श्रीमती शीनू, डॉ. नहार सिंह उपस्थित रहे। संचालन डॉ. सोना दीक्षित ने किया।











