आगरा। सिकंदरा में 50 करोड़ की जमीन पर कब्जे के मामले में पुलिस की किरकिरी होने के बाद शुक्रवार को डीसीपी ने जमीन को कुर्क करने का आदेश कर दिया।
बोदला के रहने वाले अवधेश अग्रवाल ने प्रेस नोट जारी करके कहा था कि भाजपा की जिला कार्यकारिणी के नेता और उसके भाई के द्वारा अन्य साथियों और पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। कब्जा कराने में आगरा पुलिस संलिप्त है। वह इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज शर्मा के पास गए थे तो उन्होंने उन्हें पांच घंटे थाने पर बैठाए रखा और उधर कब्जा होता रहा। वह लगातार उनके हाथ जोड़कर उनसे प्रार्थना करते रहे कि मेरी मदद करो, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की। अधिकारियों से उन्होंने शिकायत की तो अधिकारियों ने भी कोई सुनवाई नहीं की। दूसरे पक्ष के द्वारा भी पत्रकार वार्ता कर अपना पक्ष रखा गया था। आनंद कुमार ने बताया कि अवधेश कुमार, अजय कुमार द्वारा पुलिस प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है।
शुक्रवार को डीसीपी सिटी सूरज राय ने जमीन को कुर्क करने का आदेश जारी किया है। आज इसमें उन्होंने लिखा है कि इंस्पेक्टर सिकंदरा के द्वारा जांच आख्या दी गई है कि सिकंदरा में कब्जे को लेकर रामदास और अजय कुमार पक्ष में विवाद चल रहा है। वास्तविक कब्जेदार के संबंध में विवाद को निर्धारित किए जाने में समय लगना संभावित है। दोनों पक्ष में आपसी टकराव की स्थिति से कोई घटना हो सकती है। डीसीपी सिटी ने जांच आख्या पर जमीन को कुर्क कर दिया है। उन्होंने इंस्पेक्टर सिकंदरा को आदेशित किया है कुर्कशुदा संपत्ति को किसी निष्पक्ष व्यक्ति की सुपुर्दगी में दिया जाए। यदि निष्पक्ष सुपुर्दगार नहीं मिलता है तो विवाद ग्रस्त संपत्ति को सीज कराकर पुलिस की देखरेख में रखा जाए।











