आगरा। आगरा पुलिस एक बार फिर से जमीनों पर कब्जे कराने के मामले में सुर्खियों में छा गई है। इस बार ट्रांस यमुना थाना पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। आरोप है कि एक मकान पर कब्जा दिलाने पहुंचे पुलिसकर्मियों ने घर में तांडव मचाया। गाली गलौज के साथ जमकर अभद्रता की। संदिग्ध परिस्थिति में एक महिला भी छत से गिर गई। परिजनों का आरोप है कि उसे छत से फेंका गया है। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा भी किया। पुलिस मामले की लीपापोती पर जुटी हुई है। घायल महिला का निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।
घटना शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे की है। आयुष विहार की रहने वाली प्रेमलता पत्नी शिशुपाल ने बताया कि उसका मकान को लेकर बबली से विवाद चल रहा है। बताया कि एक वर्ष पहले उन्होंने अपना मकान बबली को बेचा था। 1.11 लाख रुपये एडवांस दिए थे। इसके बाद 7.70 लाख रुपये देने का वादा हुआ, लेकिन यह रुपये नहीं दिए गए। इसको लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप है कि शुक्रवार को पुलिस घर पर पहुंची। कुछ पुलिसकर्मी वर्दी में थे। कुछ सादा कपड़ों में थे। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मी गाली गलौज करते हुए दबंगई दिखाते हुए जबरन घर में घुस आए। इसके बाद तोड़फोड़ की। इस दौरान घर में प्रेमलता की पुत्रवधू संदिग्ध परिस्थिति में छत से गिर गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान छत से फेंका गया है। मौके पर एसीपी पीयूष कांत राय मौजूद हैं और मामले की जानकारी में जुटे हुए हैं।











