आगरा। एत्मादपुर में चावल व्यापारी की हत्या नहीं हुई है। व्यापारी ने आत्महत्या की थी। पुलिस ने इस बात का पुख्ता सबूतों के साथ खुलासा कर दिया है। एसओजी प्रभारी की खुलासे में अहम भूमिका रही। पुलिस और एसओजी टीम ने व्यापारी द्वारा चाकू खरीदने वाली दुकान तक खोज निकाली।
बता दें कि 12 सितंबर की रात करीब साढे़ आठ बजे एत्मादपुर हाईवे पर सफेद रंग की क्रेटा कार में बल्केश्वर निवासी चावल व्यापारी मनु अग्रवाल का शव मिला था। मनु की गर्दन पर चाकू के कट का निशाना था, उनके एक साथ में खून से सना चाकू था। पुलिस इसकी हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही थी। एसओजी प्रभारी आनंद वीर सिंह ने जब मृतक का मोबाइल चेक किया और उस पर गूगल खोल कर देखा तो उसमें लिखा आ रहा था गर्दन काटने में कितना दर्द होता है। इसके बाद उन्हें शक हुआ कि व्यापारी ने आत्महत्या की है, लेकिन सवाल यह था कि इसे साबित कैसे करेंगे? इसके लिए उनके दिमाग में आया कि उन्होंने घर के आसपास से ही चाकू खरीदा होगा। पुलिस और एसओजी टीम ने करीब 200 दुकानों पर चाकू का फोटो दिखाकर यह पूछा कि ऐसा चाकू मिल जाएगा। कमला नगर में जय अंबे किचन गैलरी पर जब टीम पूछने के लिए गई तो वहां पर जवाब मिला कि हां मिल जाएगा। इसके बाद टीम और पुलिस ने मृतक का फोटो दिखाया और पूछा कि क्या इन्होंने चाकू खरीदा था। दुकानदार ने बताया कि यह तो मनू अग्रवाल हैं। यह हमारी दुकान से ही चाकू खरीद कर ले गए थे। इन्होंने कहा था कि पत्नी ने सब्जी काटने के लिए चाकू मंगाया है। मन्नू अग्रवाल के पास 110 रुपये थे जबकि चाकू 120 रुपये का था। वह 7.30 बजे चाकू खरीद कर सीधे एत्मादपुर हाईवे की तरफ गए और वहां पर जाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने चाकू खरीदे जाने का सीसीटीवी फुटेज भी ले लिया है। बताया जा रहा है कि मनु अग्रवाल बीमारी के चलते काफी परेशान थे।
डीसीपी वेस्ट सोनम कुमार ने बताया कि मनु अग्रवाल लंबे समय से अवसाद में थे। उन्हें बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था। ऐसे में आत्महत्या की संभावना ज्यादा लग रही थी। पुलिस ने उनके दुकान से लेकर घटना स्थल तक के करीब 200 सीसीटीवी चेक किए। इसमें उन्हें कमला नगर के चांदनी चौक पर एक बर्तन की दुकान पर सीसीटीवी मिला। सीसीटीवी में दिख रहा है कि मनु ने रात साढे़ सात बजे दुकान से चाकू खरीदा। पुलिस ने दुकान संचालक से भी पूछताछ की। सीसीटीवी से पता चला कि वो कार में अकेले ही था। वो चाकू लेकर कार से एत्मादपुर पहुंचे। वहां पर उसने चाकू से अपना गला काट लिया।











