आगरा। आगरा पुलिस कमिश्नरेट में एक साल के अंदर दूसरी बार पुलिस पर हत्या करने के आरोप लगे हैं। इस बार डौकी थाना पुलिस कटघरे में है। कबीस पुलिस चौकी पर पूछताछ के लिए लाए गए व्यक्ति की मौत होने के बाद परिजनों के द्वारा पुलिस पर उसकी हत्या करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस वालों के द्वारा व्यक्ति की हत्या की गई है। उसका थर्ड डिग्री से पेंट में पेशाब भी निकल गया था। गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने चौकी का घेराव कर लिया है। इसके साथ ही आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर भी जाम लगा दिया है। वह दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र के गांव गढ़ी हसीया निवासी केदार सिंह पुत्र राजाराम को थानाध्यक्ष तरुण धीवान और दरोगा शिवमंगल तीन-चार पुलिसकर्मी के साथ गांव से उठाकर चौकी पर लाए थे। धोखाधड़ी से संबंधित वर्ष 2023 में दर्ज हुए मुकदमे में पूछताछ के लिए केदार को लाया गया था। विवेचना दरोगा शिवमंगल के द्वारा की जा रही है। केदार के अलावा पास ही के दो अन्य गांवों के दो लोग भी इसी मामले में चौकी पर बुलाए गए थे। पूछताछ के दौरान चौकी पर केदार सिंह की मृतु हो गई। पुलिसकर्मी उसे लेकर शांति मांगलिक अस्पताल में पहुंचे, जहां के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद पुलिसकर्मी उसे एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ले गए। यहां भी चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने वहीं पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम गृह पर भिजवा दिया। इधर केदार सिंह की मौत की खबर जब उसके गांव में पहुंची तो बड़ी संख्या में गांववासी एकत्रित होकर कबीस पुलिस चौकी पर पहुंच गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया गया।

पुलिस पर केदार की हत्या करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस कर्मियों ने पूछताछ के दौरान उसे थर्ड डिग्री दी जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों का कहना था कि केदार को इतनी बुरी तरह पीटा है कि उसके पेट में पेशाब भी निकल गया था। मृतक के परिजन दहाड़े मारकर रो रहे हैं। पुलिस चौकी पर हंगामा बढ़ते देख जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। कई अन्य थानों का फोर्स भी वहां बुला लिया गया था। चौकी पर हंगामे के साथ ही ग्रामीणों के द्वारा आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे को भी जाम कर दिया गया है।

ग्रामीण शव को मौके पर लाए जाने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग कर रहे हैं।
विवेचक शिवमंगल पहले भी छाए रहे हैं सुर्खियों में, हो चुके हैं निलंबित
विवेचक शिवमंगल पहले नगर जोन के ट्रांस यमुना थाने में थे। एक युवती का अपहरण हुआ था। बरामदगी के बाद 164 के बयान में उसने गैंगरेप होने की बात कही थी। मुकदमे में यह धारा बढ़ाने के बाद विवेचना के दौरान अपहरण और गैंगरेप की धारा हटा दी गई थी। मामले में शिवमंगल को निलंबित किया गया था। डौकी में जिस केस में केदार सिंह को पूछताछ के लिए लाया गया था उसकी विवेचना भी शिवमंगल कर रहे हैं।
हार्ट के मरीज थे केदार, घर वालों ने कहा था मत ले जाओ फिर भी नहीं माने पुलिस वाले
केदार सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वह हार्ट के मरीज थे, उनके स्टंट भी पड़ा हुआ था। यह बात कितनी सही है इस बात की जानकारी की जा रही है। घर वालों ने पुलिस वालों के हाथ भी जोड़े थे लेकिन वह नहीं पिघले। एक तरफ कमिश्नरेट में शिष्टाचार नीति का पाठ पढ़ाया जा रहा है दूसरी तरफ पूछताछ के दौरान पुलिस की कस्टडी में मृत्यु होने के बाद कार्य शैली सवालों के घेरे में छाई हुई है।
न्यू आगरा में हत्या के मुकदमे में नामजद हैं पूर्व थानाध्यक्ष और कई पुलिसकर्मी
आगरा। सिकंदरा में यूपीएसआईडीसी मार्ग स्थित मंगलम आधार अपार्टमेंट में एक मार्च 2024 की रात को को पुलिस दबिश के दौरान युवा अधिवक्ता संघ के संरक्षक सुनील शर्मा की आठवीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। अपार्टमेंट में उन्हें पकड़ने के लिए दबिश दी थी। परिजनों के द्वारा पुलिस पर हत्या के आरोप लगाए गए थे। पत्नी ने कहा था पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता को आठवीं मंजिल से नीचे फेंका था। हंगामे के बाद कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में जांच सीबीसीआईडी को ट्रांसफर हो गई।
कबीस चौकी पर एक मुकदमे के संबंध में पूछताछ के लिए केदार सिंह को बुलाया गया था। पूछताछ करते समय उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रथम दृष्ट्या हृदय गति रूकने से मौत हुई है, ऐसा प्रतीत हो रहा है। फिर भी पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों को आश्वस्त किया गया है कि इसमें किसी भी पुलिसकर्मी की कोई लापरवाही निकलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अतुल शर्मा डीसीपी पूर्वी











