आगरा। एत्मादपुर थाना पुलिस ने सॉल्वर गैंग के छह सदस्यों को पकड़ा था। इनके मोबाइल छलेसर चौकी पर रखे हुए थे। चर्चाएं हैं कि एक सिपाही ने बड़ी रकम लेकर डाटा डिलीट कर दिया। क्योंकि मामला चौकी का था। इसलिए चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन सिपाही की जांच शुरू करा दी गई है। सर्विलांस सूत्रों के मुताबिक सिपाही की एक अन्य सिपाही से बातचीत की बात सामने आ रही है। उस सिपाही की आरोपी से बातचीत हुई है। यह सिपाही वर्तमान में लाइन हाजिर है।
दिल्ली पुलिस में सिपाही भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में सॉल्वर गैंग सेंध लगाने की तैयारी में था। शुक्रवार को छह आरोपी सर्विलांस प्रभारी राजीव सोलंकी और चौकी प्रभारी छलेसर दीपक तोमर ने पकड़ लिए। उनके पास से 39 क्लोन फिंगर प्रिंट, बायोमेट्रिक मशीन, 38 आधार कार्ड, दो लेपटॉप, नौ मोबाइल सहित अन्य सामान बरामद हुआ। आरोपियों की पहचान आकाश (मक्खनपुर, फिरोजाबाद), सतेंद्र सिंह (गोपालपुरा, बाह), राजू उर्फ राजीव (स्टेशन रोड टूंडला) रामावतार, कीर्ती प्रधान (सुनारी सिकन्दरा) अजय यादव (नगला रामबक्स, एत्मादपुर) के रूप में हुई थी।
आरोपियों को पूछताछ के लिए छलेसर पुलिस चौकी पर लेकर आया गया था। सूत्रों के मुताबिक उनके जब्त मोबाइल चौकी पर रखे हुए थे। चौकी प्रभारी और सर्विलांस प्रभारी कुछ देर के लिए बाहर गए। वापस लौटकर आए तो आरोपियों के मोबाइल का डाटा डिलीट मिला। इस जानकारी पर डीसीपी पश्चिम सोनम कुमार ने चौकी इंचार्ज छलेसर दीपक तोमर को निलंबित किया था। पुलिस आयुक्त ने पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के आदेश दिए थे। चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद सामने आया है कि असली दोषी पुलिसकर्मी बचे हुए हैं। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि चौकी पर एक सिपाही की पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही से बातचीत हुई थी। पुलिस लाइन में तैनात उस सिपाही के संबंध पकड़े गए एक आरोपी से हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस सिपाही ने चौकी पर मौजूद सिपाही से डाटा डिलीट करने के लिए सेटिंग की। जैसे ही चौकी प्रभारी और सर्विलांस प्रभारी बाहर गए। सिपाही ने डाटा डिलीट कर दिया। चौकी प्रभारी के निलंबित होने के बाद सिपाही खुश था। लेकिन जैसे ही उसकी भी जांच शुरू हुई है उसके पसीने छूट गए हैं।











