आगरा। खेरागढ़ कस्बे में मंगलवार को सवर्ण समाज ने यूजीसी बिल में संशोधन और आर्थिक आरक्षण समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने एकजुट होकर पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी डाक बंगले से पैदल चलते हुए कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर तहसील परिसर पहुंचे। इस दौरान अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई।
पैदल मार्च के कारण कस्बे में लोगों का ध्यान प्रदर्शन की ओर आकर्षित रहा। प्रदर्शन में सवर्ण समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र स्तर पर उठाए जा रहे नीतिगत मुद्दों पर गंभीरता से विचार किए जाने की मांग की। प्रदर्शन की शुरुआत खेरागढ़ स्थित डाक बंगले से हुई। यहां बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारी हाथों में ज्ञापन और मांगों से संबंधित सामग्री लेकर पैदल मार्च पर निकल पड़े। मार्च कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ तहसील परिसर पहुंचा। रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते कस्बे में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर चर्चा का माहौल रहा। पैदल मार्च तहसील परिसर पहुंचने के बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन में बदल गया। यहां प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम खेरागढ़ नरेंद्र गंगवार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आर्थिक आरक्षण और यूजीसी बिल से जुड़े मुद्दों पर समाज की आपत्तियों को सामने रखते हुए संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाए और नीतिगत फैसलों पर पुनर्विचार किया जाए। प्रदर्शन के दौरान यूजीसी रोलबैक, आर्थिक आरक्षण और यूजीसी बिल में संशोधन प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन मुद्दों पर सरकार और संबंधित संस्थाओं को समाज की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। सवर्ण समाज की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी भी देखने को मिली। वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए मांगों के समर्थन में एकजुटता जताई।











