आगरा। रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों ने आरपीएफ जवान की पत्नी की बिना बताए नसबंदी कर दी। न्यायालय के आदेश पर चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
रेलवे कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनका फातिमा अस्पताल में इलाज चल रहा था। वह जब गर्भवती हुई तो बीमार होने लगी, जब उन्होंने रेलवे अस्पताल में जांच कराई तो बताया गया कि गर्भ में पल रहे भ्रूण की धड़कन बंद हो गई है। शिक्षकों ने गर्भपात कराने की सलाह दी। 17 मार्च को परिजनों ने उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां डॉक्टर एसके सिंह, डॉक्टर मनीष मदान और डॉक्टर संगीता मल्होत्रा ने उनका ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन करने के बाद बताया कि उनकी नसबंदी कर दी गई है। कोर्ट के आदेश पर सदर थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है।











