आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारी और बाबुओं पर करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे हैं। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। आरोप है कि बाबुओं ने गलत तरीके से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। याचिका से आगरा विकास प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है। एडीए उपाध्यक्ष ने भी जांच के आदेश दिए हैं।
सुल्तानगंज पुलिया निवासी रवि गांधी की याचिका पर अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार ने एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ से आरोपी अधिकारी व लिपिकों की रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ता रवि गांधी ने बताया कि एडीए में भ्रष्टाचार चरम पर है। आरोप है कि लेखाधिकारी ने पारिवारिक सदस्यों के नाम से 14 संपत्तियां आवंटित कराईं। लिपिकों ने महल जैसी कोठियां बनाई हैं। जबकि तनख्वाह 40 से 50 हजार रुपये है। उन्होंने कहा कि रेवड़ी की तरह संपत्ति विभाग के लिपिकों ने अधिकारियों की मिलीभगत से अपने परिजन के नाम एडीए की बहुमूल्य संपत्तियां आवंटित कराई हैं। इन्हें निरस्त किया जाए। याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि एडीए के दागी अधिकारी व लिपिकों की बेशुमार संपत्तियों को जब्त किया जाए।
इन पर आरोप
राकेश गौतम, सहायक लेखाधिकारी
सतीश चंद्र शर्मा, प्रधान लिपिक, संपत्ति अनुभाग
सतेंद्र सिंह, लिपिक संपत्ति अनुभाग
गरीब चंद, कनिष्ठ लिपिक, प्रवर्तन अनुभाग
राजीव सक्सेना, कनिष्ठ लिपिक, संपत्ति अनुभाग
मनीष यादव, कनिष्ठ लिपिक, संपत्ति अनुभाग











