आगरा। मण्डलायुक्त ने शुक्रवार को आइजीआरएस एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। मण्डलीय विकास कार्यों की समीक्षा की गयी तो मार्च माह में आगरा की रैंक 71 रही जो कि प्रदेश में सबसे नीचे के 5 स्थानों पर है। इस पर मंडलायुक्त द्वारा चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सर्वप्रथम आइजीआरएस की समीक्षा की गयी। फरवरी माह की अपेक्षा मार्च माह में आगरा की रैंक 56वें, फिरोजाबाद की 32, मथुरा की 24 और मैनपुरी 27वें स्थान पर रहा। जनपदवार शिकायतकर्ता द्वारा दिए गये संतोषजनक फीडबैक प्रतिशत में चारों जिलों में वृद्धि देखने को मिली जबकि शिकायतकर्ता से सम्पर्क किए जाने के प्रतिशत में मथुरा को छोड़कर अन्य जिलों में गिरावट दर्ज हुई। मण्डलीय अधिकारीवार असंतोषजनक फीडबैक की स्थिति की समीक्षा की गयी। सबसे ज्यादा विद्युत विभाग, श्रम विभाग, सिंचाई विभाग आदि में असंतोषजनक फीडबैक दर्ज किए गये। आयुक्त ने इन विभागों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि सम्बन्धित सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें अन्यथा स्थिति में सुधार न होने पर सम्बन्धित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा डिफाल्टर वाले प्रकरणों को भी गंभीरता से लेते हुए निस्तारण कराये जाने के निर्देश दिए।उनके द्वारा मण्डलीय विकास कार्यों की समीक्षा की गयी। मार्च माह में आगरा की रैंक 71 रही जो कि प्रदेश में सबसे नीचे के 5 स्थानों पर है। फिरोजाबाद 47वें, मथुरा 25वें और मैनपुरी 7वें स्थान पर रहा। आगरा की रैंक पिछड़ने पर कारणों की समीक्षा की गयी। जिन विभागों द्वारा खराब प्रदर्शन किया गया उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही को जिलाधिकारी को निर्देश दिए गये। पशुपालन विभाग में आगरा के वृहद गोसंरक्षण केन्द्र (विक्रमपुर व भिड़ावली) में द्वितीय किश्त जारी करने के निर्देश दिए। मथुरा में वृहद गोसंरक्षण केन्द्र मोगर्रा में कार्यदायी संस्था द्वारा तकनीकी समिति से मूल्यांकन नहीं कराया गया। संस्था को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। पंचायती राज विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए कि आगरा के शेष सात गांव को ओडीएफ प्लस माडल ग्राम बनाये जाएं। ग्राम्य विकास के तहत सीएम आवास योजना में मण्डल में अवशेष 78 लाभार्थियों को प्रथम किश्त निर्गत करने के निर्देश दिए।










