• About
  • Contcat Us
  • Home
  • News
    • Business
    • Economy
    • Good Work
    • Politics
    • Cultural
  • Tech
  • Sports
  • Western
  • Education
  • Health
  • World
  • Home
  • News
    • Business
    • Economy
    • Good Work
    • Politics
    • Cultural
  • Tech
  • Sports
  • Western
  • Education
  • Health
  • World
विवि: केंद्र बनाने में ‘खेल’, जियो टैगिंग रही फेल!

विवि: केंद्र बनाने में ‘खेल’, जियो टैगिंग रही फेल!

20-20 किलोमीटर दूर बनाया गया सेंटर, जियो टैगिंग के नाम पर कुलाधिपति को भी कर दिया गया गुमराह

March 31, 2022
in Education, News

-गौरव प्रताप सिंह-

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में इस वर्ष भी सेंटर बनाने में नियमों की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। कुलपति ने दावा किया था कि जियो टैगिंग से सेंटर बनाने में दूरी की पारदर्शिता बरती जाएगी, लेकिन यह बात हवाई नजर आ रही है। सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि विवि प्रशासन को कुलाधिपति का भी डर नहीं है। जिस जियो टैगिंग का उन्होंने कुलाधिपति से उदघाटन कराया है, उसका भी उन्होंने मजाक बनाकर रख दिया है। यह सिर्फ  नाम की साबित हो रही है किसी काम की नहीं?

विवि ने केंद्रों की सूची जारी कर दी है। सूची जारी करने के साथ ही आपत्ति भी मांगी गई हैं। इस बात को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि विवि एक बार में सही सूची जारी क्यों नहीं करता? हर बार तीन-चार बार में सूची क्यों जारी की जाती है? क्या ऐसा खेला करने के लिए किया जाता है?

इधर विवि ने दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति से जियो टैगिंग का उदघाटन कराया था। जियो टैगिंग का उद्देश्य यह है कि कॉलेज की पूरी वस्तुस्थिति के साथ  उसकी लोकेशन भी विवि के सामने हो। अगर किसी कॉलेज का किसी दूसरे कॉलेज में सेंटर डाला जा रहा है तो दोनों की  दूरी देखी जाएगी, जिससे शासन ने सेंटर बनाने के लिए जो निर्धारित किलोमीटर का मानक रखा है। वह पूरा हो जाए, लेकिन इस विवि में यह होता है कि कॉलेज वाले अपनी सुविधा के हिसाब से केंद्र डलवाते हैं। अगर उनके लिए 20 किलोमीटर दूर किसी कॉलेज में नकल का इंतजाम है तो वह वहां सांठगांठ कर सेंटर डलवा लेते हैं। विशेष सूत्रों की मानें तो विवि भी फील गुड करने के बाद मानक ताक पर रख देता है।
 
इस बार विवि जियो टैगिंग का कई दिनों से गाना रहा है। यह जियो टेगिंग केंद्रों की सूची जारी होते ही फेल नजर आई। उदारण के तौर पर टेड़ी बगिया स्थित भवानी सिंह कॉलेज का केंद्र शमसाबाद रोड स्थित श्री दाऊजी कॉलेज में डाला गया है, जबकि इस कॉलेज के चार-पांच किलोमीटर की रेंज में आरबी पीजी कॉलेज, सौदान सिंह महाविद्यालय, जगदंबा कॉलेज, लाल सिंह महाविद्यालय, मेघ सिंह महाविद्यालय, एसडी भदावर कॉलेज, आगरा वनस्थली महाविद्यालय, डॉ. डीवीएस कॉलेज आदि स्थित हैं। इन कॉलेजों में उसका केंद्र नहीं डालकर करीब 20 किलोमीटर दूर डाला गया है? ऐसा क्यों किया गया है। यह सवाल खड़े हो रहे हैं?  इसमें जियो टैगिंग का पालन क्यों नहीं हुआ।
 
दूसरी ओर क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय के बराबर में पंचशील कॉलेज है। इस कॉलेज में सिर्फ एक कॉलेज का केंद्र डाला गया है, जबकि क्षमता यहां 1100 छात्रों की बताई जा रही है। विशेष सूत्रों का कहना है कि यहां ज्यादा कॉलेजों का केंद्र इसलिए नहीं डाला गया जिससे क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी छापा न मार दें। बीते साल जिस गणपति कॉलेज का यहां सेंटर डाला गया था। सूत्रों की मानें तो वह भी अपना केंद्र बदलवा ले गया है। इस कॉलेज का केंद्र  विवि ने पंडित जगन्नाथ प्रसाद महाविद्यालय शमासाबद में डाला है। गणिपति कॉलेज से जगन्नाथ कॉलेज की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। यहां भी जियो टैगिंग फेल रही।

अव्यवस्थाओं वाले कॉलेज को फिर से बड़ा केंद्र बनाया

पूर्व में जिन कॉलेजों में अव्यवस्थाएं पकड़ी गई हैं। जहां छात्र-छात्राओं के बैठने तक उचित व्यवस्था नहीं थी। इस बार फिर उन्हें बड़ा केंद्र बना दिया है। ऐसे में केंद्रों की सूची पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कुलपति ने कुलधिपति सामने बोला 934 कॉलेजों की जियो टैगिंग हो गई

 कुलपति ने कुलाधिपति सामने दीक्षांत समारोह में बोला था कि 934 कॉलेजों की जियो टैगिंग कर दी गई है। क्या यही उनकी जियो टैगिंग थी कि 20 किलोमीटर दूर कॉलेजों का केंद्र डाला जाए। आखिर कुलाधिपति को गुमराह क्यों किया गया? यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

____________________

भवानी सिंह कॉलेज और पंचशील कॉलेज परीक्षा केंद्र के संबंध में जो जानकारी मिल रही हैं उसका संज्ञान लिया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों में जो सूची जारी की गई है। वह संभावित है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए जियो टैगिंग की तकनीक का प्रयोग किया गया है। परीक्षा केंद्र की अंतिम सूची शुक्रवार को जारी कर दी जाएगी। विवि पारदर्शी रूप से परीक्षा केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

—प्रो. प्रदीप श्रीधर, पीआरओ

__________________

विवि ने जियो टैगिंग का भी मजाक बनाकर रख दिया है। जब जियो टैगिंग हुई है तो दूर सेंटर कैसे बनाए गए हैं। कॉलेजों का भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया गया। सेंटर बनाने में गड़बड़ी हुई है। औटा अध्यक्ष और महामंत्री धांधली की जांच कराएं।

—डॉ. मुकेश भारद्वाज, पूर्व औटा अध्यक्ष

Previous Post

दिगंबर कामत कांग्रेस कार्यसमिति में स्थायी आमंत्रित

Next Post

एटा-बरहन-टूंडला रेलवे ट्रैक पर वृद्धा की सूझबूझ से टला ट्रेन हादसा

Related Posts

शाहगंज में धारदार हथियार से कुत्ते को मार डाला, बदबू से खुला राज

शाहगंज में धारदार हथियार से कुत्ते को मार डाला, बदबू से खुला राज

April 17, 2026

आगरा। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र स्थित सिद्ध साहनी नगर में पशु क्रूरता की एक दिल दहला देने वाली घटना...

होटल में प्रेमिका ने प्रेमी का काट दिया गला, चीखकर बोली हत्या कर दी

होटल में प्रेमिका ने प्रेमी का काट दिया गला, चीखकर बोली हत्या कर दी

April 17, 2026

आगरा।  ग्वालियर हाईवे पर एक होटल में शुक्रवार सुबह प्रेमिका ने प्रेमी की गला काटकर हत्या कर दी। हत्या करने...

सहायक आचार्य चयन परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क

सहायक आचार्य चयन परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क

April 13, 2026

आगरा।  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा 18 और 19 अप्रैल को आयोजित होने वाली सहायक आचार्य चयन...

वृंदावन में यमुना में हुए हादसे में दो और लोगों के शव मिले, मृतकों की संख्या 13 पहुंची

वृंदावन में यमुना में हुए हादसे में दो और लोगों के शव मिले, मृतकों की संख्या 13 पहुंची

April 12, 2026

आगरा/वृंदावन। वृंदावन में यमुना में हुए हादसे में रविवार सुबह दो और श्रद्धालुओं के शव मिल गए हैं। शनिवार शाम...

वृंदावन में यमुना हादसे में हुईं मौतों के दो जिम्मेदारों को भेजा गया जेल

वृंदावन में यमुना हादसे में हुईं मौतों के दो जिम्मेदारों को भेजा गया जेल

April 11, 2026

वृंदावन।  केशीघाट के सामने यमुना हादसे में मौत के जिम्मेदारों को लेकर जांच चल रही थी। अभी तक की जांच...

मंडलायुक्त और एडीजी ने जाना घायलों का हाल, डूबे हुए लोगों को खोजने को रेस्क्यू जारी

मंडलायुक्त और एडीजी ने जाना घायलों का हाल, डूबे हुए लोगों को खोजने को रेस्क्यू जारी

April 11, 2026

वृंदावन। वृंदावन के केसी घाट पर यमुना में शुक्रवार अपराह्न हुए दर्दनाक स्टीमर हादसे के सात घंटे बाद भी यमुना...

Next Post
एटा-बरहन-टूंडला रेलवे ट्रैक पर वृद्धा की सूझबूझ से टला ट्रेन हादसा

एटा-बरहन-टूंडला रेलवे ट्रैक पर वृद्धा की सूझबूझ से टला ट्रेन हादसा

POPULAR NEWS

No Content Available

EDITOR'S PICK

प्राधिकरण ने पांच भवनों पर लगाई सील, मची खलबली

प्राधिकरण ने पांच भवनों पर लगाई सील, मची खलबली

February 17, 2023
शिक्षक भर्ती और वेतन निकासी में धांधली के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा

शिक्षक भर्ती और वेतन निकासी में धांधली के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा

February 16, 2022
आंखों पर पट्टी बांधकर सिर में मारी गोली, युवक की इलाज के दौरान मौत

आंखों पर पट्टी बांधकर सिर में मारी गोली, युवक की इलाज के दौरान मौत

September 14, 2023
चौकी से लेकर थाने तक गया दलाल, पकड़े गए आरोपी की पत्नी से मांगे चार हजार

चौकी से लेकर थाने तक गया दलाल, पकड़े गए आरोपी की पत्नी से मांगे चार हजार

July 21, 2024

About

Follow us

Categories

  • accident
  • administration
  • Agra
  • Art
  • Article
  • Business
  • Corruption
  • Court
  • Crime
  • Cultural
  • Development
  • disaster
  • Economy
  • Education
  • Election2024
  • Entertainment
  • Environment
  • Fashion
  • Food
  • Good Work
  • Health
  • Lifestyle
  • Monkey menace
  • National
  • News
  • Opinion
  • Police
  • Politics
  • School Diary
  • Science
  • Sports
  • Tech
  • Terrorism
  • Tourism
  • Travel
  • Uncategorized
  • Weather
  • Western
  • World

Recent Posts

  • मनीष बंसल बने आगरा के नए जिलाधिकारी, मुख्य चुनाव आयुक्त के हैं दामाद
  • अक्षय तृतीया पर ताजनगरी का सराफा बाजार सोने की चमक से जगमगा उठा
  • देश की महिलाएं अपना हक लेकर रहेंगी बोलीं आगरा की मेयर
  • गैस एजेंसी पर एलपीजी सिलिंडर लेने पहुंचीं दो सगी बहनों से मारपीट
  • News
  • Terms & Condition
  • Privacy Policy

© 2022 DLA News - Designed by iTHike.

No Result
View All Result
  • Home
  • News
    • Business
    • Economy
    • Good Work
    • Politics
    • Cultural
    • Crime
  • Tech
  • Sports
  • Western
  • Education
  • Health
  • World

© 2022 DLA News - Designed by iTHike.