आगरा। कासगंज एसपी बनकर खेरागढ़ पुलिस को पांच घंटे से अधिक घनचक्कर बनाने वाली युवती के विरुद्ध सराफा कारोबारी ने मुकदमा दर्ज कराया है। खुद को कासगंज एसपी बताने वाली शातिर खेरागढ़ पुलिस को वृंदावन से फोन कर रही थी। जिस सिम नंबर से पुलिस को फोन किया गया, वह मुरैना की किसी महिला के नाम से है। छानबीन में पता चला कि सिम फर्जी आइडी पर खरीदा गया था। उक्त नंबर ट्रू कालर पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर एनसीआर के नाम से सेव है।
खेरागढ़ इंस्पेक्टर के पास मंगलवार शाम चार बजे खुद को एसपी कासगंज बताने वाली युवती ने फोन किया था। कासगंज में एक घर से चोरी गए लाखों के जेवरात खेरागढ़ कस्बे के दो सराफा कारोबारियों को बेचने की जानकारी दी थी। कस्बे के दो सर्राफ राहुल वर्मा और ललित अग्रवाल द्वारा माल खरीदना बताते हुए उन्हें पकड़कर थाने लाने को कहा था। दोनों को खेरागढ़ से लाने के लिए कासगंज से पुलिस टीम भेजने को कहा था।
पुलिस ने दोनों सर्राफ को उठाने के बाद कारोबारियों के थाने में जुटने पर उन्हें स्वजन की सुपुर्दगी में दे दिया था। एसपी बनकर फोन करने वाली युवती ने दोनों सर्राफ के मोबाइल नंबर लेकर उनसे वसूली का प्रयास किया। रकम नहीं देने पर जेल भेजने और डकैती के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी। जिससे पुलिस को शक हुआ। डीसीपी पश्चिमी सोनम कुमार ने कासगंज एसपी से संपर्क किया तो उन्होंने इस तरह का कोई फोन करने से इन्कार किया। जिसके बाद पुलिस ने सर्राफ राहुल वर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि जिस नंबर से फोन किया गया था, उसकी डिटेल निकाली गई है। जिसके आधार पर आरोपित तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
सर्राफ की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
चोरी का माल खरीदने के आरोप में मंगलवार को पुलिस द्वारा सर्राफ राहुल वर्मा को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। वहां से घर पहुंचने पर देर रात राहुल वर्मा की हालत बिगड़ गई। स्वजन ने उन्हें डाक्टर को दिखाया। हालत में सुधार नहीं होने पर बुधवार सुबह 10 बजे स्वजन ने उन्हें खंदारी स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। यहां बुधवार शाम छह बजे स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें डिस्चार्ज किया गया।











