आगरा। आगरा कमिश्नरेट में कुछ अनोखी पुलिसिंग हो रही है। जहां एक और पुलिस कमिश्नर यह कहते-कहते थक गए हैं कि पीड़ित की एक बार में सुनवाई होनी चाहिए, एफआईआर लिखकर उसकी कॉपी घर पहुंचनी चाहिए, सदर थाने में उसका उल्टा ही हो रहा है। मुकदमा लिखना तो दूर की बात है पीड़ित की सुनवाई ही नहीं हुई। दरोगा ने हमले में घायल पीड़ित से कहा वह हमलावर को खुद ही खोज ले और जब वह मिल जाए तो पकड़कर उसे चौकी पर ले आए। पीड़ित यह सोचकर हैरान है कि जब वही सब काम करेगा तो पुलिस क्या करेगी।
18 फरवरी को केडी गाड़ी से अपने दो दोस्तों के साथ रात में कहरई मोड की तरफ आ रहे थे। तभी एक गाड़ी जिसका नंबर यूपी 16 बीबी 5200 था, उसने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करके उनकी गाड़ी के आगे गाड़ी लगाकर उन्हें रोक लिया। इसके बाद गाली गलौज करते हुए उन्हें गाड़ी में से खींच लिया। वह कुछ समझ पाते उससे पहले हत्या की नीयत से उनके सिर में धारदार हथियार से प्रहार कर दिया। लहूलुहान केडी और उनके दोस्तों को हमलावर धमकी देते हुए यह कहकर भागा की अगर तू बच भी गया तो इस बार तेरी हत्या कर दूंगा। लहूलुहान हालात में केडी के दोस्त उसे उपाध्याय हॉस्पिटल में ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताई। आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। सिर में कई टांके लगे। कई दिन तक उपचार चलने के बाद हल्का सा आराम मिलने पर केडी मंगलवार को इंफिनिटी लाइन चौकी पर गए। इस पर उन्हें बुधवार को बुलाया गया। बुधवार को जब वह गए तो इंफिनिटी लाइन चौकी पर तैनात दरोगा ने उनसे हमला करने वाली गाड़ी का नंबर पूछा। तहरीर में नंबर लिखा होने की बात कहने पर दरोगा ने अपने फोन में एप से गाड़ी के नंबर से उसके मालिक का नाम निकाल लिया। पीड़ित केडी को उसका पता देते हुए कहा यह आरोपी का पता है। वह खुद उसका घर खोज ले। अगर वह मिल जाए तो उसे पकड़ कर चौकी पर ले आए। पीड़ित ने कहा कि मैं उसे कैसे पकड़ लूंगा। मैं पुलिस वाला थोड़ी ना हूं। इस पर दरोगा ने कहा लंबे चौड़े हो पकड़ लाओगे, मुझे पूरा भरोसा है। तुम उसे खोज कर पकड़ने के बाद चौकी तक ले आओ उसके बाद में अपना काम शुरू करूंगा। पीड़ित का कहना है कि जब पुलिस का काम वह खुद करेगा तो पुलिस क्या करेगी। पीड़ित पुलिस की कार्यशैली को देखकर काफी तनाव में है।











