आगरा। जगदीशपुरा जमीन कांड में मुकदमे में नामजद बिल्डर से बुधवार को डीसीपी सिटी ने पूछताछ की। बिल्डर यही बोला कि उनका जमीन से कोई वास्ता नहीं है। पुलिस ने बिल्डर से अपना जवाब लिखित में देने को कहा है। वहीं भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस मोहम्मद जाहिर का नार्को टेस्ट करा ले। सच सामने आ जाएगा। जांच के नाम पर नौटंकी हो रही है।
बैनारा फैक्ट्री के पास करीब 50 करोड़ की जमीन पर पुलिस ने कब्जा कराया था। वहां रहने वाले पांच लोगों को दो मुकदमों में जेल भेजा गया था। पहले गांजा तस्करी के मुकदमे में तीन लोग जेल भेजे गए थे। उसके बाद दो महिलाओं को शराब तस्करी में जेल भेजा गया था। तत्कालीन डीजीपी से शिकायत के बाद लखनऊ से जांच के लिए टीम भेजी गई थी। सवाल उठने पर पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर, उनका बेटा नामजद थे। 15 अज्ञात लोगों का जिक्र था। इस मामले में एसओ जितेंद्र कुमार, अमित अग्रवाल, पुरुषोत्तम पहलवान को जेल भेजा गया था। बिल्डर और उनके बेटे को कोर्ट से राहत मिल गई थी। विवेचना के दौरान किशोर बघेल का नाम भी सामने आया था। पुलिस ने उसे भी आरोपित बनाया था।
बिल्डर को दूसरी बार जगदीशपुरा थाने बुलाया गया था। वह करीब डेढ़ घंटे जगदीशपुरा थाने में रहे। उन्होंने डीसीपी सिटी को बताया कि पुरुषोत्तम अखाड़े से जुड़ा है। पहलवान है। कुश्ती प्रतियोगिता में उनसे मदद मांगी थी। इस वजह से उससे पहचान है। जिस जमीन पर कब्जे का आरोप है उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। जमीन पर उनका कभी कोई कब्जा नहीं रहा। उन्हें फंसाया गया है। डीसीपी सिटी ने और भी कई सवाल किए मगर जवाब वही मिले जिनसे कोई हल नहीं निकला। डीसीपी सिटी ने बिल्डर से कहा कि अपना लिखित बयान दें।
भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद जाहिर पर निशाना साधा है। सांसद ने पुलिस से कहा है कि सिर्फ जगदीशपुरा कांड ही नहीं कई मामलों में मोहम्मद जाहिर की भूमिका सामने आ रही है। सदर थाने में पुलिस जांच के बाद मोहम्मद जाहिर के खिलाफ दो करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में मुकदमा लिखा है। धोखाधड़ी के मुकदमे एसीपी की जांच के बाद लिखे जाते हैं। पुलिस फिर भी मोहम्मद जाहिर को गिरफ्तार करके जेल नहीं भेज रही है। आखिर क्यों। जगदीशपुरा कांड में उसका नार्को टेस्ट होना चाहिए। सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि उन्होंने डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय से फोन पर वार्ता की। उनसे कहा कि जब से मोहम्मद जाहिर चेयरमैन बना है तब से वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का क्या हुआ। इसकी भी जांच होनी चाहिए। उसने कितनी जमीनों के एग्रीमेंट करा रखे हैं। यह भी जांच का एक विषय है। इसकी संपत्ति की जांच होनी चाहिए। वह इस संबंध में डीजीपी को भी पत्र लिखेंगे। जगदीशपुरा कांड में पुलिस ने सिर्फ एक बार नोटिस देकर मोहम्मद जाहिर को बुलाया। पूछताछ का दिखावा किया। उसके बाद से भूल गई। पुलिस जांच और कार्रवाई के नाम पर दिखावा नहीं करे। उत्तर प्रदेश में योगी राज है। सदर थाने में दर्ज मुकदमे में मोहम्मद जाहिर की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो।











