आगरा। एसटीएफ ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का सनसनीखेज खुलासा करते हुए एक महिला और उसके दो बेटों समेत चार बड़े नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से करोड़ों रुपये कीमत का विदेशी ‘औजी गांजा’ और एमडीएमए बरामद हुआ है। इस पूरे नेटवर्क का तार कैलिफोर्निया, दिल्ली, हरियाणा और थाईलैंड तक जुड़ा मिला है।
एसटीएफ उत्तर प्रदेश को लंबे समय से कमिश्नरेट आगरा और आसपास के जिलों में बड़े स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी किए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी विवेक कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार, आरक्षी हरपाल, आरक्षी प्रदीप चौधरी, आरक्षी मानवेंद्र तथा चालक महेंद्र सिंह की टीम सिकंदरा क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जितेंद्र प्रजापति उर्फ जीतू अपने साथी बबलू शर्मा के साथ दिल्ली से विदेशी औजी गांजा और एमडीएमए लेकर आया है और थाना सिकंदरा क्षेत्र स्थित शिवपुरी कॉलोनी में असोपा हॉस्पिटल के पास नवीन गौतम के किराए के मकान में मौजूद है। सूचना मिली कि आरोपी क्षेत्र में ड्रग्स सप्लाई की तैयारी कर रहे हैं।सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ आगरा की टीम ने एएनटीएफ यूनिट आगरा जोन और थाना सिकंदरा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मकान पर छापा मार दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र प्रजापति उर्फ जीतू पुत्र रूप किशोर, प्रेम कुमार प्रजापति पुत्र रूप किशोर, बबलू शर्मा पुत्र सुधीर शर्मा और श्रीमती नन्हीं देवी पत्नी रूप किशोर शामिल हैं। सभी आरोपी वृंदावन, जनपद मथुरा के रहने वाले हैं।पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र प्रजापति उर्फ जीतू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसकी मां नन्हीं देवी पिछले तीन-चार वर्षों से गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी और सप्लाई का काम कर रही थी। वह दिल्ली और पानीपत से नशीला माल लाकर सप्लाई करती थी। बाद में उसकी बहन की शादी दहतोरा निवासी सौरभ के साथ हुई, जिसके बाद सौरभ भी इस धंधे में शामिल हो गया। सौरभ के साथ जितेंद्र भी दिल्ली और हरियाणा से नशे का माल लाने लगा। इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चैन की जानकारी उसे उसकी मां और जीजा सौरभ ने दी थी। जितेंद्र ने बताया कि कुछ समय पहले सड़क दुर्घटना में सौरभ की मौत हो गई, जिसके बाद वह अपने भाई प्रेम कुमार और मां नन्हीं देवी के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को संभालने लगा। उसने अपने पड़ोसी बबलू शर्मा को भी गैंग में शामिल कर लिया ताकि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों में नशे की सप्लाई की जा सके. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि करीब चार दिन पहले उन्होंने नवीन गौतम का मकान किराए पर लिया था और उसे ड्रग्स के अड्डे के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। जितेंद्र और बबलू दिल्ली जाकर कुशाग्र नाम के व्यक्ति से औजी गांजा और एमडीएमए लेकर आए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी नशे की पुड़िया तैयार कर रहे थे तभी एसटीएफ ने दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि बरामद ‘औजी गांजा’ कैलिफोर्निया से आता था और विशेष सील पैकिंग में सप्लाई किया जाता था। प्रत्येक पैकेट का वजन करीब साढ़े तीन ग्राम होता था, जिसे सात से साढ़े सात हजार रुपये तक में बेचा जाता था। आरोपी हाईप्रोफाइल ग्राहकों को टारगेट कर रहे थे।आरोपियों ने बताया कि कुशाग्र नाम का सप्लायर फिलहाल थाईलैंड में रह रहा है। वह नशीला पदार्थ किसी एकांत स्थान पर रखवा देता था और आरोपी वहां से माल उठाकर पैसे रखकर चले आते थे। आरोपियों का दावा है कि उन्हें सप्लाई नेटवर्क के अन्य लोगों की जानकारी नहीं है। एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में औजी गांजा, एमडीएमए और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।










