आगरा। पुलिस दबिश के दौरान अधिवक्ता की हुई मौत के मामले में मंगलवार को सभी अधिवक्ता मृतक की पत्नी के साथ पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। एमजी रोड पर जाम लगा दिया गया। इस दौरान पुलिस से भी उनकी नोकझोंक हुई। अधिवक्ताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का समय, एक करोड रुपए का मुआवजा देने की मांग की है।
एक मार्च को अधिवक्ता सुनील शर्मा की पुलिस दबिश के दौरान आठवीं मंजिल से गिरकर मौत हुई है। पत्नी का कहना है कि पुलिस वालों ने उनके पति की हत्या की है।

मंगलवार सुबह मृतक अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह की पत्नी सुनीता और उनके तीनों भाई अधिवक्ताओं से न्याय दिलाने को समर्थन मांगते हुए।
मंगलवार सुबह मृतक अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह की पत्नी सुनीता और उनके तीन भाई दीवानी में पहुंचे। यहां पर उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से न्याय दिलाने के लिए समर्थन मांगा। इसके बाद अधिवक्ताओं ने एक बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि दोषी पुलिसकर्मियों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी की जाए। संपूर्ण घटनाक्रम की सीबीआई जांच कराई जाए। मृतक सुनील कुमार शर्मा के परिवारीजनों को एक करोड रुपए मुआवजा दिया जाए। बैठक के बीच में राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन भी पहुंचे और उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ हैं। बैठक के बाद अधिवक्ता और पीड़ित परिवार दीवानी से बाहर एमजी रोड पर आ गए। अधिवक्ता की पत्नी यहां पर धरने पर बैठ गईं। अधिवक्ताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगा दिया। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई।

इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन दिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि बुधवार सुबह 11:30 दीवानी परिसर में एकत्रित होकर जुलूस रूम में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पैदल मार्च निकालेंगे। वह न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे और साढे तीन बजे अग्रिम रणनीति तय की जाएगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान आगरा बार एसोसिएशन के सुभाष बाबू परमार, ग्रेटर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्ग विजय सिंह भैया, आगरा एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष लोचन चौधरी, जन मंच के अध्यक्ष अजय चौधरी, अरुण पचौरी, शैलेंद्र रावत, मेहताब सिंह, हरजीत अरोड़ा, राधा यादव, सरोज यादव, अनूप शर्मा, विनोद कुमार शुक्ला, देवेंद्र सिंह धाकरे, अनिल तिवारी, सफीक अहमद कुरैशी आदि उपस्थित रहे।











