आगरा। आगरा कमिश्नरेट में अब थाने भी सुरक्षित नहीं है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जो थाने में ही डाका डाल रहे हैं उन्हें भी पुलिस छोड़ रही है। ऐसा ही एक मामला एकता थाने का सामने आया है। एकता थाने में आरटीओ द्वारा दाखिल किया गया ट्रक थाने से ही चोरी हो गया। ट्रक चोरी होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। चर्चा है कि ट्रक के पीछे-पीछे पुलिस सिद्धार्थनगर तक पहुंची। वहां से उसे ले आई। ट्रक को जो ले गए थे उन्हें भी पकड़ लिया गया। हैरानी की बात यह है कि थाने में से ट्रक चोरी होने के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इतने बड़े अपराध में भी मुकदमा दर्ज नहीं होने से तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतना बड़ा अपराध क्यों दबा दिया गया? यह जांच का विषय है। लेकिन जिम्मेदार पर तो कार्रवाई फिर भी बनती है।
बताया जा रहा है कि राजस्थान नंबर का एक ट्रक आरटीओ के द्वारा पकड़ा गया था। यह एकता थाने में दाखिल कर दिया गया। ट्रक थाना परिसर में ही खड़ा था। सूत्रों की मानें तो पांच अगस्त को ट्रक चोरी हो गया। ट्रक के थाने से चोरी होने के बाद थाने में खलबली मच गई। ट्रक की तलाश शुरू हो गई। ट्रक का टोल पर जाते हुए फुटेज मिल गया। ट्रक को बरामद करने के लिए कई पुलिसकर्मियों को दौड़ाया गया। पुलिसकर्मी थार और स्कॉर्पियो से सीसीटीवी देखते हुए सिद्धार्थनगर तक पहुंच गए। सिद्धार्थ नगर पहुंचने से पहले पुलिस ने महाराजगंज और सिद्धार्थनगर पुलिस को भी सूचना दे दी। वहां ट्रक को पकड़ लिया गया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने ट्रक की नंबर प्लेट हटाकर उसे टोल के रास्तों से बचाते हुए लाकर थाने में खड़ा कर दिया। चर्चा है कि जिन लोगों ने ट्रक चुराया था उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन इतने बड़े अपराध में भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके पीछे थाने के पुलिसकर्मियों के बीच में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस कर्मियों का आपस में कहना है कि उनका तो सिद्धार्थनगर तक आने जाने में डीजल और फूंक गया। इसके साथ ही ट्रक में 20 हजार का डीजल लौटते समय अलग से डलवाना पड़ा। इधर ट्रक मालिक ने ट्रक रिलीज भी करा लिया है। ट्रक चोरी का मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने से और लोगों को छोड़े जाने से थाने के पुलिसकर्मी भी आश्चर्यचकित हैं। आखिर जिम्मेदार के द्वारा ट्रक चोरी का मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया? ट्रक बरामद होने के बाद जो लोग पकड़े गए थे उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं दिखाया गया? थाने से ट्रक चोरी के अपराध को जिम्मेदार ने रफा दफा कैसे कर दिया? इतने बड़े कांड को छिपाने पर क्या जिम्मेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या मामले में लीपापोती कर दी जाएगी यह देखने के लिए सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।










