आगरा। मिड डे मील में बड़ा घोटाला सामने आया है। फिरोजाबाद में तैनात शिक्षक चंद्रकांत शर्मा ने फर्जी दस्तावेजों से सोसायटी का पंजीकरण करा स्कूली बच्चों का 11.46 करोड़ रुपये डकार लिया। रकम को अपने और सगे संबंधियों के खातों में जमा कर करोड़ों की संपत्ति खरीद ली। शासन के आदेश पर हुई जांच में विजिलेंस ने घोटाले की पुष्टि की। भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के साक्ष्य मिलने पर सहायक शिक्षक समेत आठ विभागों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शिकोहाबाद में तैनात प्राइमरी शिक्षक चंद्रकांत शर्मा ने वर्ष 2006 में सारस्वत आवासीय शिक्षा सेवा समिति नाम से संस्था का पंजीकरण चिट फंड कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों से करा दिया। चंद्रकांत शर्मा ने पिता को संस्था का अध्यक्ष, मां को प्रबंधक व सचिव और पत्नी को कोषाध्यक्ष बनाया। परिवार के कई सदस्यों को संस्था में पदाधिकारी बनाया। मिड डे मील का काम मिलने पर माता-पिता को मृतक दिखाया। खुद सुनील शर्मा के नाम से संस्था का कोषाध्यक्ष बन गया। विजिलेंस थाने में इंस्पेक्टर ने मिड-डे मील समन्वयक, डाक विभाग, आवास विकास परिषद, नगर निगम फिरोजाबाद, उप निबंधन चिटफंड, टॉरेंट पावर के साथ ही पीएनबी बैंक शिकोहाबाद, एक्सिस बैंक आगरा, सिंडीकेट बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और कॉरपोरेशन बैंक के अधिकारी आरोपी बनाए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।











