आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के नए-नए कारनामे रोजना सामने आते रहते हैं। इस बार भी एक कारनामा सामने आया है। विश्वविद्यालय ने ऐसे कॉलेज को केंद्र बना दिया, जहां कुर्सी और मेज भी नहीं है। कॉलेज संचालक द्वारा टेंट की कुर्सी और मेज मंगाकर दावत की तरह परीक्षा कराई जा रही है। मामला उजागर होने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कल दोपहर से लेकर आज सुबह तक कॉलेज के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है।
पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी केंद्र बनाने में धांधली हुई है। कॉलेज वालों की सुविधा के हिसाब से केंद्र बनाए गए हैं। कहने को परीक्षा नियंत्रक ने केंद्र बनाए, लेकिन पर्दे के पीछे कोई और रहा। आलम यह रहा कि केंद्र बनाते समय यह भी नहीं देखा गया कि इस कॉलेज में 300 की क्षमता है और वह 1000 छात्रों का केंद्र बना रहे हैं।
महाराणा प्रताप कॉलेज में टेंट की कुर्सियां और मेज मंगा कर पंगत में छात्रों को बैठाकर परीक्षा कराए जाने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मीडियाकर्मियों को कंट्रोल रूम की व्यवस्था देखने के लिए अपनी वाह वाही करने के लिए बुलाया था। इतने में औटा पदाधिकारी डॉ. अनुराग पालीवाल ने कंट्रोल रूम प्रभारी और डीन एकेडमिक से कहा महाराणा प्रताप कॉलेज की स्थिति तो दिखा दीजिए। वहां कैसे परीक्षाएं हो रही हैं। वहां की स्थिति दिखाई गई तो टेंट की कुर्सियों पर बैठकर छात्र दावत की तरह परीक्षा दे रहे थे। छात्र एक दूसरे की कॉपी भी आसानी से देख सकते हैं। इसी तरह कई अन्य और कॉलेज हैं जिनमें ऐसे ही परीक्षा हो रही है। वहां भी टैंट की कुर्सियां मंगाई गई है। कॉलेज संचालक फीलगुड कराकर केंद्र बनवा लाए और छात्रों से वसूली कर रहे हैं। मामले में परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि महाराणा प्रताप कॉलेज को डिबार किया जाएगा। इसका सेंटर एडेड कॉलेज में डाला जाएगा। इधर औटा के महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा का कहना है कि शासन में शिकायत कर रहे हैं। यहां किस तरीके के केंद्र बनाए गए हैं।











