आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में एसटीएफ का खौफ छाया हुआ है। 50 करोड़ की लागत से बने संस्कृति भवन में निर्माण की क्वालिटी को छुपाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन आज से जुट गया है। एसटीएफ जांच करने के लिए आए उससे पहले ऊपर से पेंट कराया जा रहा है।
पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने बिना प्राधिकरण से नक्शा पास कराए 50 करोड़ की लागत से संस्कृति भवन का निर्माण कार्य करा दिया। विश्वविद्यालय इस जमीन का भूस्वामी भी नहीं है। विशेष सचिव उच्च शिक्षा भी इस बिल्डिंग को देखकर हैरान रह गए थे, उन्होंने कहा था कि जब विश्वविद्यालय के पास इस जमीन की रजिस्ट्री ही नहीं है तो यहां इतना पैसा क्यों बहा दिया गया? इधर विजिलेंस भी इस बिल्डिंग की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि कमीशन के लालच में यह बिल्डिंग बनवाई गई है। बिल्डिंग को विवादित देख पूर्व कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल और प्रोफेसर आलोक राय ने भी इसका उद्घाटन नहीं किया। एसटीएफ के आने से पहले ही काफी संख्या में मिस्त्री रिपेयरिंग में लगा दिए गए हैं। जहां जहां से छत से पानी टपक रहा है वहां पुटी भरी जा रही है। बीते दिनों इस भवन के कुछ टाइल्स भी गिरे थे।











