आगरा। एक 85 साल की वृद्धा गलन भरी सर्दी में लाठी के सहारे धीरे-धीरे कदमों से आगे बढ़ते हुए पुलिस कमिश्नर के सामने रोते हुए पहुंचीं। पुलिस कमिश्नर वृद्धा की समस्या को सुनने से पहले उनकी मदद को तैयार हो गए। पुलिस कमिश्नर ने जब उनसे उनकी समस्या पूछी तो उन्होंने बताया कि मेरे बेटे ने मुझे घर से निकाल दिया है। पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर को बुलवाकर उन्हें जीप से भिजवाया और उन्हें उनके घर में प्रवेश दिलवाया।
बता दें कि नाई की मंडी में मुमताज बेगम रहती हैं, उनके पति मोहम्मद उमर का निधन हो चुका है। घर में उनका बेटा और तीन नाती रहते हैं। सोमवार को उनके बेटे और नाती ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। बेटे के सामने उन्होंने हाथ भी जोड़े की ऐसी सर्दी में और बुढ़ापे में मैं कहां जाऊंगी, लेकिन बेटे ने उनकी एक नहीं सुनी। किसी ने उन्हें बताया कि आप पुलिस कमिश्नर के पास जाइए। वह बहुत अच्छे अधिकारी हैं। वृद्धा पुलिस कमिश्नर के पास रोते हुए पहुंची। भीड़ में पुलिस कमिश्नर कि जब लाठी के सहारे खड़ी हुई बुजुर्ग वृद्धा पर नजर पड़ी तो उन्होंने वृद्धा को अम्मा कहकर आगे आने के लिए कहा और कहा कि अम्मा आप की क्या समस्या है। मुमताज ने बताया कि उनके बच्चों ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है। अब वह कहां जाएंगी। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आप अपने घर में ही जाएंगी। तत्काल उन्होंने नाई की मंडी इंस्पेक्टर प्रभु दयाल को फोन कर उनके ऑफिस में आने के लिए कहा। इंस्पेक्टर के आने के बाद उन्होंने उसे निर्देश दिए कि वह अपनी जीप में बैठाकर अम्मा को उनके घर में प्रवेश दिलाकर आएं। साथ ही उनके बेटे और नाती को भी समझा दें। इंस्पेक्टर ने अपनी जीप से उन्हें उनके घर पर ले गए और उन्हें उनके कमरे में प्रवेश दिलाकर उनके घर वालों को समझा कर वापस आए।











