आगरा। स्टार इण्डिया के चैनल कन्टेन्ट, मूवी, सीरियल, वेबसीरीज आदि को टेलीग्राम, टोरण्ट व विडमेट के माध्यम से डाउनलोड कर थर्ड पार्टी एप पर लाइव स्ट्रीमिंग से लाखों रूपये की ठगी करने वाले शातिर को साइबर क्राइम सेल व शाहगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
हेमन्त टण्डन स्टार इण्डिया कम्पनी, ब्लू आईकन इन्वेस्टीगेशन सर्विसेस रूपनगर पंजाब के द्वारा पुलिस कमिश्नर से शिकायत की गई थी कि सुपर मेट एप्लीकेशन/ ड्रीम्स स्टेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कम्पनी जिसका CIN U72900UP2020PTC139595 है। इसके डायरेक्टर आकाश दीक्षित और आशीष दीक्षित हैं। इनके द्वारा फर्जी तरीके से थर्ड पार्टी एप को क्लाउडफ्लेयर सर्वर के माध्यम से वनटाइम 478 व 978 रुपये लेकर लाइफटाइम सबसक्रिप्शन लेकर स्टार इण्डिया कम्पनी के अधिकृत मूवी, सीरियल, वेबसीरीज आदि को टेलीग्राम, टोरण्ट व विडमेट के माध्यम से डाउनलोड कर थर्ड पार्टी एप पर लाइव स्ट्रीमिंग से लाखों रूपये की ठगी की जा रही है। सब्सक्रिप्शन राशि ऑनलाइन उपरोक्त फर्म ड्रीम्स टेक प्राइवेट लिमिटेड से ली जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने साइबर क्राइम सेल को जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान पाया गया कि रेजर पे पेमेण्ट गेटवे के माध्मय से सब्सक्रिप्शन के नाम पर धोखाधडी की जा रही है। टीम के द्वारा शाहगंज थाने पर मुकदमा दर्ज कराया गया और आरोपी की गिरफ्तारी की गई है।
पुलिस अपर उपायुक्त सत्यनारायण ने बताया कि पूछताछ में आरोपी आशीष कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 में ड्रीम स्टेक प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी का पंजीकरण कराया था। होस्टिंग/स्टीमिंग के लिए server web. https:// hostcircle.com/ 08 एप सुपरमैट ऐप के साथ बनाकर अपलोड किया थे, जिस पर लभगभ 14500 सब्सक्राइबर हैं। लाइव स्ट्रीमिंग /मूवी, वेब सीरीज, स्टार इण्डिया के स्पेशल कटेंट-मूवी को विभिन्न माध्यम जैसी टेलीग्राम , विडमैट, टोरन्ट आदि के माध्यम से डाउनलोड कर होस्ट सर्कल के सर्वर पर अपलोड करके अपने सब्सक्राइबर, ग्राहको को सुविधा उपलब्ध कराता हूँ।
सोशल मीडिया व एक-दूसरे के माध्यम से अपने इन एप की जानकारी देते हैं। यह ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नही है। एप के माध्यम से वीआईपी प्लान एक मुस्त राशि/सुविधा शुल्क(रूपये) जीवन भर 478 रुपये तथा गोल्ड प्लान 978 रुपये मे जीवन भर की थी, जिसकी राशि हम अपने सब्सक्राइबर से कम्पनी के ड्रीमस्टैक सेंटलमेंट बैंक खाते में जमा कराते थे। अब तक कम्पनी के खाते में लगभग 67 लाख रुपये आये हैं, जिसको जांच के दौरान फ्रीज करा दिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी सुल्तान सिंह, इंस्पेक्टर शाहगंज समरेस कुमार सिंह, एसआई सुबोध मान, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार विजय तोमर, विजय कुमार आदि शामिल रहे।











