आगरा। यमुना नदी में रविवार को बाढ़ के पानी के सैलाब में काफी बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ की आशंका से नायब तहसीलदार एचएल चौधरी ने रुनकता में राजस्व टीम के साथ अपना डेरा जमा लिया है। तीन गांव रुनकता, अकबरा, सींगना में कैंप स्थापित किए गए हैं। दयालबाग में खेतों और ताजगंज में श्मशान घाट में भी पानी भर गया है।
रुनकता के समीप स्थापित शिव देवालय पानी में समा चुका है। यमुना नदी का पानी खतरे के निशान पर है। हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में अत्याधिक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी उफान पर है। बताया गया है कि यमुना नदी का जलस्तर आज 495 फीट है। शनिवार को तीन फीट पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नायब तहसीलदार एचएल चौधरी ने बताया कि रुनकता स्थित शनि देव मंदिर के सामने स्थापित देवालय की प्रतिमा यमुना के आगोश में समा चुकी है। यमुना नदी का पानी खतरे की घंटी बजा रहा है। उन्होंने बताया कि रुनकता अकबरा और सींगना सहित तीन गांवों में कैंप स्थापित किए गए हैं जिनमें पुलिसकर्मी चिकित्सक राजस्व विभागीय कर्मचारी और विद्युत विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। ग्रामीणों को अपने पशु और लोगों को हिदायत दी गई है कि वह यमुना नदी पर जाने से परहेज करें। नायब तहसीलदार ने बताया कि तीन दिन तक लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
दयालबाग में खेतों में पानी भर गया है। वहीं, ताजगंज शमशान घाट में भी यमुना का पानी भर गया है। बाढ़ की संभावना को देखते हुए मोतीगंज बाजार में गोदाम खाली करा दिए गए हैं।
दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में बाढ़ ने हालात खराब कर दिए हैं। आगरा में भी अब यमुना विकराल होती जा रही है। शनिवार सुबह यमुना का जलस्तर 494.20 फीट तक पहुंच गया है। यह लो फ्लड लेवल के नजदीक है। लो फ्लड लेवल 495 फीट है। माना जा रहा है कि शाम तक यमुना लो फ्लड लेवल के पार पहुंच जाएगी। इससे पहले ही यमुना के निचले हिस्सों में पानी भरना शुरू हो गया है।
जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने 47 गांवों में मुनादी शुरू करा दी है। यमुना किनारे वाले गांवों में ग्रामीणों से अपील की गई है कि वो अपने पशुओं के लिए चारे का इंतजाम कर लें। बच्चे, बुजुर्ग व पशुओं को यमुना किनारे न जाने दें। इसके अलावा जरूरी सामान की व्यवस्था भी कर लें।











