आगरा। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में गायब हुए व्यापारी की गुमशुदगी दर्ज करने में देरी करने और पैसा लेने के आरोप लगने के मामले में पुलिस कमिश्नर के द्वारा महिला दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इधर लाइन हाजिर की कार्रवाई से लोग संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं उनका कहना है कि निलंबित की कार्रवाई होनी चाहिए थी।
बता दें कि कालिंदी विहार निवासी विनोद कुमार का चांदी की पायल का काम था। 27 जुलाई को रात करीब साढे़ आठ बजे उनके मोबाइल पर किसी अनिल नाम के व्यक्ति का फोन आया था। अनिल ने उन्हें किसी स्थान पर बुलाया था। विनोद घर पर बोल कर गए थे कि वह 10 मिनट में वापस आ जाएंगे। आधे घंटे बाद जब उन्होंने कॉल किया तो फोन नहीं उठा। 15 मिनट बाद फिर से कॉल किया तो फोन बंद था। इसके बाद परिजन घबरा गए और ट्रांस यमुना थाने में पहुंचे। पत्नी बबीता गुप्ता ने बताया कि उन्होंने जब पुलिस को बताया कि उनके पति का फोन बंद आ रहा है उन्हें कुछ अनहोनी की आशंका है। एक अनिल नाम के व्यक्ति से रंजिश भी है। इस पर पुलिस ने कहा कि गायब होने पर 24 घंटे बाद रिपोर्ट लिखी जाती है। अभी कोई सुनवाई नहीं होगी। 24 घंटे तक परिजन घबराते रहे। इसके बाद जब वह थाने पहुंचे तो पुलिस ने f.i.r. की जगह गुमशुदगी दर्ज कर ली। पत्नी बबीता और बेटी शैली ने बताया कि पुलिस ने उनसे कहा कि तलाशने के लिए गाड़ी में डीजल लगेगा। तलाशने के नाम पर 50 हजार रुपए लिए। इसके बाद वह भरोसा दिलाती रही कि उसकी लोकेशन मिल गई है। वो बिल्कुल सुरक्षित हैं। मंगलवार को बताया गया कि उनकी हत्या हो गई है और शव 28 जुलाई को एत्मादपुर में मिला था। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। पुलिस को हत्या का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस कमिश्नर के द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया महिला दरोगा को दोषी पाया गया है जिसके बाद उसे लाइन हाजिर कर दिया गया है।











