आगरा। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुक्रवार को दूसरे दिन सुनवाई हुई। यहां आगरा के एक व्यापारी प्रखर गर्ग ने अर्जी देकर कहा कि वह प्रोजेक्ट के 510 करोड़ रुपए देने के लिए तैयार हैं। आगरा में चर्चाएं हैं कि व्यापारी पर कई लोगों का पैसा भी बकाया है। ऐसे में वह कहां से पैसा देंगे? यह सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सवाल किए,”आप मंदिर का पैसा क्यों लेना चाहते हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार ये पूछा कि क्या आपके पास पैसों की कोई कमी है, जो आप मंदिर का पैसा लेना चाहते हैं। अगर सरकार मंदिर का चढ़ावा न ले तो सारा विवाद ही खत्म हो जाएगा।”
कोर्ट ने पूछा,”अगर कॉरिडोर बना तो मंदिर का प्रबंधन किसके हाथ में होगा। ट्रस्ट सेवायतों के हाथ में होगा या सरकार के? सरकार इसे स्पष्ट करे। अब 11 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।”









