आगरा। ताजगंज में देवरी रोड सथित पट्टी पचगईं में जोसेफ वर्ल्ड स्कूल में दंपति और उनकी बेटी को बंधक बनाकर डाली गई डकैती में पुलिस के हाथ 36 घंटे बाद भी खाली हैं। थाना पुलिस एसओजी और सर्विलांस के भरोसे है। सर्विलांस और एसओजी के पास भी अभी तक कोई इनपुट नहीं है। इधर पुलिस ने डकैती की जगह लूट की धारा में मुकदमा दर्ज कर अपनी किरकिरी करा ली है। पीड़ित पर दबाव बनाकर 10 की जगह चार बदमाश ही लिखवाए गए हैं, जिससे अपराध की समीक्षा के दौरान अधिकारियों के सवाल-जवाब से बचा जा सके।
नरायच के रहने वाले जय सिंह कुशवाह जोसेफ वर्ल्ड स्कूल के संचालक हैं। स्कूल की दूसरी यूनिट ताजगंज के देवरी रोड स्थित पट्टी पचगईं में हैं। यहां स्कूल परिसर में बने आवासीय हिस्से में जय सिंह की बहन रजनी और जीजा नवीन अपनी सात वर्षीय बेटी के साथ रहते हैं। जय सिंह ने बताया था कि बुधवार की आधी रात 12 बजे 8 से 10 हथियारबंद बदमाशों ने स्कूल में धावा बोल दिया। स्कूल से लगी सड़क की ओर से सीढ़ी लगाकर बदमाश अंदर आए। इनवर्टर की बैटरियां खोलने लगे। कार्यालय का ताला तोड़कर वहां रखे 70 हजार रुपये लूट लिए। लूटपाट के दौरान रजनी और नवीन की आंख खुल गई। उन्होंने बदमाशों का विरोध किया तो दोनों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। दोनों के हाथ-पैर बांध तीन बदमाश उनकी निगरानी में लग गए। बदमाशों ने रजनी और नवीन को धमकी दी कि उनकी सात वर्षीय बेटी चंगुल में है। उसे अपने साथ ले जा रहे हैं। इसके बाद दंपती ने बदमाशों का विरोध नहीं किया। वह सुबह चार बजे तक बेखौफ होकर लूटपाट करते रहे। बदमाशों ने स्कूल के कार्यालय और सभी कक्षाओं के ताले तोड़ दिए।कार्यालय में रखे 70 हजार रुपये लूटने के साथ ही सीसीटीवी की डीवीआर और हार्ड डिस्क अपने कब्जे में कर ली। वहां लगी बैटरियां, टीवी, लैपटाप आदि लूट ले गए। दंपती के हाथ-पैर बांध कमरे में छोड़ गए। बदमाशों के जाने के बाद दंपती किसी तरह बंधन मुक्त हुए, बेटी को दूसरे कमरे में पाया। फोन करके घटना की जानकारी जय सिंह को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जांच में पाया कि डकैती ही पड़ी है लेकिन जब पीड़ित थाने में पहुंचा तो उस पर दबाव बनाया गया कि वह 10 की जगह चार बदमाश ही लिखे। थाना पुलिस के दबाव में पीड़ित ने दूसरी तहरीर लिखी जिस पर लूट की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ है। कहा यह भी जा रहा है कि पुलिस तो सिर्फ चोरी की धारा में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में थी लेकिन मामला सुर्खियों में आने के बाद उसने लूट की धारा में लिख लिया। लखनऊ के अधिकारी नाराज ना हो इसके लिए डकैती की घटना छिपा ली।
इधर शुक्रवार शाम के 7:00 तक पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी है। थाना पुलिस सर्विलांस और एसओजी के भरोसे बैठी हुई है। पूर्व में भी देखने को मिला है जितनी भी घटनाएं हुई हैं। एसओजी और सर्विलांस के भरोसे ही खुली हैं। थाना पुलिस का कोई रोल नहीं रहा है। वह सिर्फ फर्द में शामिल रहने के लिए रहते हैं।











