आगरा। आखिर आगरा पुलिस को हो क्या गया है। चोरों को पकड़ने की जगह उन्हें छोड़ा जा रहा है। सदर पुलिस के द्वारा पांच चोर पकड़ने के बाद छोड़े जाने का मामला डीसीपी सिटी तक पहुंचा है। डीसीपी तक मामला पहुंचने के बाद थाने में पुलिसकर्मियों के बीच खलबली मच गई है। अगर निष्पक्ष तरीके से जांच हुई तो इंस्पेक्टर और दरोगा पर कार्रवाई हो सकती है।
बताया जा रहा है कि 10 अक्टूबर को सेवला क्षेत्र से दिनदहाड़े दो भैंस चोरी हुई थीं। भैंस चोरी होने के बाद उनका मालिक पुलिस से शिकायत करने के लिए पहुंचा। पुलिस ने तहरीर तो ले ली लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। इधर एक दरोगा ने चोरों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। एक फुटेज में चोर दोनों भैंसों को ले जाते हुए कैद हो गया।

फोटो के आधार पर उसकी शिनाख्त कर ली गई। दरोगा ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने दो मिलने वालों के यहां भैंस बांधी थीं। इसके बाद अन्य दो लोगों को बेच दी। पुलिस ने पांचों को मंगलवार शाम को गिरफ्तार कर लिया। पांचों को दफ्तर में बैठा दिया गया। सूत्रों का कहना है कि इनको पकड़कर लाने वाले दरोगा से उनकी साठगांठ हो गई। इसके बाद पीड़ित को थाने में बुलाया गया और कहा गया कि तुम्हारी भैंस तो काट दी गई हैं। कुछ पैसे ले लो। पीड़ित ने साफ-साफ मना कर दिया। क्योंकि उसकी भैंस दो लाख रुपये की हैं। रात में करीब 2:00 बजे पुलिस ने चोरों को छोड़ दिया। चोरों को छोड़ने के लिए बड़ी डील होने की चर्चाएं हैं। थाने के पुलिसकर्मियों ने एक जिम्मेदार को भी खरी खोटी सुनाई है। एक महिला दरोगा ने साफ साफ कहा कि दरोगा जी ने चोर छोड़ दिए।इंस्पेक्टर ने मुस्कराकर बात टाल दी। इधर मामला डीसीपी सिटी तक पहुंच गया है, जिसके बाद खलबली मच गई है। चर्चाएं हैं पुलिस पीड़ित के पीछे-पीछे दौड़ रही है, उसके हाथ पैर जोड़ रही है। इसके साथ ही चोरों को दोबारा पकड़ने के लिए दबिश शुरू कर दी गई है।










