आगरा। शाहगंज थाने में दर्ज हुए मुकदमे से जानलेवा हमले की धारा हटवाने का ठेका लेने के आरोपित सिपाही को डीसीपी सिटी ने निलंबित कर दिया है। पुलिस लाइन में तैनाती होने के बावजूद वह शाहगंज थाने का कारखास था। सोशल मीडिया पर उसके दो ऑडियो वायरल हुए थे। मामले में इंस्पेक्टर की भी विभागीय जांच होगी।
मामला शाहगंज थाने का है। सितंबर माह में अधिवक्ता सहित दो लोगों पर हमला हुआ था। जानलेवा हमला सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखा गया। पुलिस ने पांच आरोपित गिरफ्तार करके जेल भेजे थे। अमित कुमार फरार चल रहा था। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दो ऑडियो वायरल हुए। यह ऑडियो वांछित चल रहे अमित कुमार और थाने में तैनात रहे सिपाही श्रीकांत शर्मा के बीच बातचीत के बताए जा रहे हैं। ऑडियो में जूस की दुकान पर रुपये देने। आधार कार्ड भेजने। धारा हटवाने। घरवालों को घर से दूर हटा देने। पीड़ित के अधिकारियों के समक्ष पेश होने से संबंधित थी। ऑडियो वायरल होने पर एसीपी लोहामंडी दीक्षा सिंह ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट डीसीपी सिटी सूरज कुमार को पेश की। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने सिपाही श्रीकांत को निलंबित कर दिया है।
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि श्रीकांत शर्मा शाहगंज थाने का कारखास था। सितंबर महीने में उसके खिलाफ गोपनीय शिकायत मिली थी। उसे लाइन हाजिर किया गया था। आरोपित सिपाही ने लाइन में आमद नहीं कराई। वह थाने में ही बना रहा। कारखासी करता रहा। वायरल ऑडियो अक्तूबर के महीने का बताया जा रहा है। हालांकि बाद में इंस्पेक्टर शाहगंज ने आरोपित सिपाही की रवानगी लाइन में कर दी थी।
लखनऊ तक बड़े जहाज के चर्चे
थानों से लाइन हाजिर किए गए कारखास इन दिनों सुर्खियों में हैं। पिछले दिनों ताजगंज थाने के बड़े जहाज का मामला लखनऊ तक पहुंचा था। उसकी भी तैनाती पुलिस लाइन में है। मगर उसका मन ताजगंज क्षेत्र में ही लगता है। ऐसा ही कारखास सिकंदरा थाने का है।











