आगरा। रविवार को राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू होने से पहले कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। जैसे ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा उनके पास कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के फोन आना शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धरातल पर कोई कार्य नहीं कर रही है। साथ ही वहां जमीनी स्तर के कार्यकर्ता की कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया है।
उपेंद्र सिंह को राज बब्बर का काफी करीबी माना जाता है। राज बब्बर के साथ जन मोर्चा पार्टी से उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। वर्ष 2007 में वह उनके साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। राज बब्बर के साथ ही पीएल पुनिया के भी वह बेहद करीबी माने जाते थे। वर्ष 2009 में जब राज बब्बर फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े तो वह चुनाव के प्रभारी रहे। इसके बाद आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2012 में उन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया। वर्ष 2017 और 2022 के भी विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया था। इसके साथ ही आगरा लोकसभा से भी वर्ष 2014 में उन्हें टिकट मिल चुका है। कांग्रेस की टिकट पर वह चार बड़े चुनाव लड़ चुके हैं। पार्टी में वह जिला अध्यक्ष के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में उन्हें कोऑर्डिनेटर भी बनाया गया था।
रविवार को आगरा में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के आगमन से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के ब्रज क्षेत्र कार्यालय पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। सांसद राजकुमार चाहर और जिला अध्यक्ष गिरिराज सिंह कुशवाहा ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने से पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को पत्र भेजा। उपेन्द्र सिंह ने कहा कि पार्टी में कुछ वर्षों से संवादहीनता की स्थिति बनी हुई है। जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है। पार्टी में कुशल नेतृत्व का अभाव है। इससे आहत होकर वह कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। पत्र की प्रति कांग्रेस के अखिल भारतीय अध्यक्ष को भी भेजी गई है।











