आगरा। खंदौली में ट्रैक्टरकांड मामले ने तूल पकड़ लिया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र लिखकर खंदौली थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर बदले जाने के मामले में थानाध्यक्ष खंदौली राजीव सोलंकी व विवेचक रविकांत शर्मा को निलंबित करने और खंदौली पर दर्ज मुकदमे को आगरा से बाहर किसी अन्य जनपद में ट्रांसफर कर इसकी विवेचना एसीपी रैंक के अफसर से कराए जाने की मांग की है।
खंदौली में एक सैनिक की पत्नी को कुचलकर ट्रैक्टर चालक ने मार दिया था। यह ट्रैक्टर थाने पर खड़ा कर दिया गया। ट्रैक्टर का इंश्योरेंस नहीं था। इसलिए पुलिस ने डील कर ट्रैक्टर को बदल दिया। मामले में शासन को ट्वीट हुआ। ट्वीट के बाद जांच हुई तो ट्रैक्टर बदला हुआ पाया गया। मामले में कांस्टेबल प्रवीण कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। कांस्टेबल का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने कहा है कि पूरा खेल थानाध्यक्ष राजीव सोलंकी और गौरव राणा का है, उसे बलि का बकरा बना दिया गया है। सभी थानों में यह चर्चा भी हो रही है कि बिना थानाध्यक्ष के थाने से पत्ता नहीं हिल सकता। ट्रैक्टर कैसे बदल गया? मामले में अधिकारियों के द्वारा थानाध्यक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसे लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इधर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि कांस्टेबल प्रवीण कुमार ने जो बात कही है, वह पूरी तरह सही है। इस बात से सभी अवगत है कि कानूनी और व्यावहारिक रूप से थाने के थाना प्रभारी की इच्छा के बिना इस प्रकार ट्रैक्टर बदला जाना असंभव था। इसके बाद भी मात्र सिपाही पर एफआईआर दर्ज कर मुकदमे को आगरा में ही दूसरे थाने में ट्रांसफर किया जाना पूरी तरह से अपर्याप्त है। मामले में उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखा है।











