आगरा। कागारौल थाना क्षेत्र से 25 दिन पहले बदमाश एटीएम उखाड़ कर ले गए थे। उसमें 30 लाख रुपए का कैश था। पुलिस अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी है। खुलासे के लिए इंस्पेक्टर अमित कुमार मान को तैनात किया गया था। वह 19 दिन थाने में तैनात रहे। उन्होंने बदमाशों को पकड़ने के लिए क्या किया यह अभी तक पता नहीं चला। बदमाशों को नहीं पकड़ने पर भी उनको बेहतर थाने में पोस्टिंग दे दी गई है। यह बात विभाग में कई पुलिसकर्मियों को हजम नहीं हो रही है।
सात जनवरी की रात मैक्स सवार बदमाश कागारौल में कैश से भरा एटीएम उखाड़कर ले गए थे। बदमाश जिस एटीएम को उखाड़कर ले गए थे उसमें करीब 30 लाख रुपये कैश था। खाली एटीएम रूपवास-दूरा मार्ग पर नहर में पड़ा मिला था। एटीएम तोड़कर उसमें से कैश निकाल लिया गया था। खाली एटीएम भी घटना के तीन दिन बाद बरामद हुआ था। ग्रामीणों ने पुलिस को एटीएम नहर में पड़ा होने की सूचना दी थी।
घटना के समय कागारौल में इंस्पेक्टर जसवीर सिरोही तैनात थे। तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था। साइबर सेल प्रभारी अमित कुमार मान को इंस्पेक्टर कागारौल बनाया गया था। उनकी तैनाती के बाद यह दावा किया गया था कि वारदात का जल्द खुलासा हो जाएगा। इंस्पेक्टर अमित कुमार मान 19 दिन कागारौल थाने में तैनात रहे। बिना खुलासे के ही उनकी किस्मत जाग गई। देहात से शहर आ गए। इंस्पेक्टर शाहगंज बन गए। घटना अभी तक अबूझ पहेली बनी हुई है। घटना के समय पुलिस बोल रही थी कि मेव गैंग पर शक की सुई है। अब पुलिस का कहना है कि घटना मेव गैंग ने नहीं की है। राजस्थान के एक गैंग को चिन्हित किया गया है। बदमाशों के नाम पता चल गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।











