आगरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के लीगल एड क्लीनिक द्वारा आगरा जोन के आसपास के जिलों के विधि छात्रों के लिए 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस इंटर्नशिप कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञों द्वारा दिए गए टिप्स के बाद विधि छात्र लाभान्वित हुए। उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझ में आई।
20 जून से संस्कृति भवन में यह इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू हुआ था। न्यायिक अधिकारियों और विधि विशेषज्ञों द्वारा विधि छात्रों को विभिन्न पहलुओं से जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विधि छात्र इस बात की जानकारी ले रहे थे कि वह अधिवक्ता बनने के बाद गरीब, निर्धन और आम आदमी की किस प्रकार मदद कर सकते हैं। वहीं न्याय दिलाने की क्या प्रक्रिया है। अंतिम दिन फैमिली कोर्ट की अपर जिला जज आशिफ़ा ने बताया कि आजकल किस प्रकार बात-बात पर पति-पत्नी के बीच में दरार आ जाती है और रिश्ते टूट जाते हैं। एक अधिवक्ता उन रिश्तों को टूटने से कैसे बचा सकता है। आईटीएचएम के निदेशक प्रोफेसर लवकुश मिश्रा ने लीगल ईशूज के बारे में विधि छात्रों को समझाया। उन्होंने उन्हें यह भी समझाया कि अभी आप एक पौधे के रूप में हैं। अधिवक्ता बनने के बाद वृक्ष के रूप में आप कैसे निर्धन और असहायों को छाया दे सकते हैं। अधिवक्ता अगम दीक्षित ने विधि छात्रों को यह बताया कि एक अधिवक्ता का क्या फर्ज है। अधिवक्ता कैसे समाज में बदलाव ला सकता है। राष्ट्र हित में उसका क्या योगदान हो सकता है। अधिवक्ता अगम दीक्षित ने कहा कि हम कई बार दूसरे देश के कानून को, निर्णय को उठा लेते हैं। जबकि हमारे देश की संस्कृति अलग है। हर देश के कानून का संदर्भ अलग होता है। कहीं का कानून हम अपने देश में कैसे लागू कर सकते हैं, उनका हम अध्ययन तो कर सकते हैं, उसे देखकर अपना नया कानून बना सकते हैं लेकिन नमूना मानकर उसे ग्रहण नहीं कर सकते। इससे हमारी संस्कृति पर असर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो पर्यावरण पर नियम बने हैं वह दूसरे देशों से लिए गए हैं, जबकि भारत में हम जीव जंतुओं की पूजा करते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिव्यानंद द्विवेदी ने समाज के उन विभिन्न पहलुओं को बताया जाएगा जिनसे विधि छात्रों का जागरूक होना आवश्यक है। लीगल एड क्लीनिक के कोऑर्डिनेटर डॉ अरुण कुमार दीक्षित ने बताया कि ऐसे इंटर्नशिप कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम का संचालन प्रमिला शर्मा ने किया। कार्यक्रम में प्रोफेसर बीडी शुक्ला, प्रोफेसर शुगम आनंद, मीडिया कोऑर्डिनेटर गौरव प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार, ललित शर्मा आदि शामिल रहे।












