आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में बुधवार को कर्मचारी संघ चुनाव का मतदान होना है। शाम तक रिजल्ट भी घोषित हो जाएगा। मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को प्रत्याशियों ने कर्मचारियों को वोट देने के लिए जमकर उपहार बांटे। कर्मचारियों ने भी सभी प्रत्याशियों से यह उपहार तो ले लिए, लेकिन वोट किसे देंगे यह नहीं बताया। किसी प्रत्याशी ने साड़ी, किसी ने छाता, किसी ने पेंट सूट का कपड़ा तो किसी ने घड़ी बांटी। एक प्रत्याशी ने कर्मचारियों की पत्नियों के लिए महंगी सिंगारदानी दीं, जिससे पत्नियां अपने पतियों पर दबाव बनाएं कि उन्हीं को वोट देना है। देर रात तक कई प्रत्याशियों की दारू पार्टी भी जारी थी, जिसमें कर्मचारी आनंद उठा रहे थे।
बता दें कि विश्वविद्यालय में पांच पदों पर कर्मचारी संघ का चुनाव होता है। इन पांच पदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष शामिल हैं। पिछला चुनाव 15 जुलाई 2019 को हुआ था। पदाधिकारियों का कार्यकाल एक साल का होता है। एक साल अधिकतम और बढ़ सकता है। लेकिन तीन साल से कर्मचारी चुनाव का इंतजार कर रहे थे। कर्मचारी नेता अनिल श्रीवास्तव ने कुलपति को चुनाव कराने को कई बार पत्र दिया लेकिन उन्होंने सुनवाई नहीं की। इसके बाद चुनाव कराने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के अंदर चुनाव कराने का आदेश जारी किया है। कल मतदान होना है। 399 कर्मचारी मतदान करेंगे। सेठ पदमचंद जैन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर बृजेश रावत को चुनाव अधिकारी बनाया गया है। शाम 5:00 बजे तक रिजल्ट घोषित हो जाएगा।
अध्यक्ष पद की बात करें तो इस पर अखिलेश चौधरी, अनिल श्रीवास्तव, ब्रिज किशोर शर्मा, नवीन अग्रवाल खड़े हुए हैं। महामंत्री पद की बात करें तो इस पर अरविंद गुप्ता, बृजेश वर्मा, संजय चौहान, शिव गोविंद भदोरिया खड़े हुए हैं। उपाध्यक्ष पद पर आशु सिंह, निखिल शर्मा, सतीश मौर्य, सुमित चौधरी, सयुंक्त सचिव पद पर कालीचरण यादव, कुलदीप यादव, नीलम शर्मा, सौरभ शर्मा, ममता शर्मा, कोषाध्यक्ष पद पर रोहित शर्मा, शशांक सिंह, मलखान सिंह खड़े हुए हैं। मंगलवार को विश्वविद्यालय में पूरी तरीके से चुनावी माहौल रहा। प्रत्याशियों ने वोट पाने के लिए लाखों रुपए के उपहार बांटे। शाम के बाद प्रत्याशियों ने अपने गुप्त स्थान पर पार्टियां देना शुरू कर दिया। महंगी से महंगी शराब पिलाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि एक प्रत्याशी ने 600 से 700 वाली बोतल रखी थी। कर्मचारियों को सूचना मिली दूसरी जगह रेड लेबल चल रही है। कर्मचारी दो पैक पीने के बाद पेट, शरीर और सर में दर्द होने का बहाना बनाते हुए उस प्रत्याशी के पास पहुंच गए जो रेड लेबल पिला रहा था। वहां जाकर बोले यहां अच्छी व्यवस्था है। चुनाव तीन-चार दिन बाद होता तो लगातार पीते ही रहते। प्रत्याशी हाथ जोड़कर कर्मचारियों से बोल रहा था। इतनी मत पी लेना कि सुबह उठ भी ना पाओ। सुबह वोट देना है, याद रखना। एक कर्मचारी झूमते हुए बोला आपकी जीत पक्की है। आप कहो तो माला अभी पहना दूं।











