आगरा। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में एक मकान का कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बाद भी कब्जा कराने के लिए पहुंची थाना पुलिस ने एक महिला को छत से फेंक दिया था। महिला के परिजनों ने यहआरोप लगाए थे। आरोप थे कि पुलिस कर्मियों की करतूत को महिला ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया था। इसलिए उसको छत से फेंक दिया। विधायक एत्मादपुर के हस्तक्षेप के बाद डीसीपी सिटी ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
घटना शुक्रवार दोपहर की है। आयुष विहार की रहने वाली प्रेमलता पत्नी शिशुपाल ने बताया था कि उसका मकान को लेकर बबली से विवाद चल रहा है। बताया था कि एक वर्ष पहले उन्होंने अपना मकान बबली को बेचा था। 1.11 लाख रुपये एडवांस दिए थे। इसके बाद 7.70 लाख रुपये देने का वादा हुआ, लेकिन यह रुपये नहीं दिए गए। इसको लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप है कि शुक्रवार को पुलिस घर पर पहुंची। कुछ पुलिसकर्मी वर्दी में थे कुछ सादा कपड़ों में थे। पुलिस कर्मियों ने बराबर वाले घर की छत से घर में घुसकर गाली गलौज करते हुए तोड़फोड़ की। प्रेमलता की पुत्रवधू ने उनकी वीडियो बनाई तो उसे छत से फेंक दिया गया। मामले में परिजनों ने हंगामा किया था। विधायक एत्मादपुर डॉक्टर धर्मपाल सिंह थाने में पहुंचे थे। मामले में चार पुलिसकर्मियों को डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिसकर्मियों के नाम उप निरीक्षक राजकुमार गोस्वामी, निखिल, हेड कांस्टेबल शैलू यादव और मनोज हैं।











