आगरा। सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) क्षेत्र के उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए आगरा और फिरोजाबाद समेत टीटीजेड क्षेत्र में एलएमवी-6 बिजली कनेक्शनों पर लगी रोक हटा दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की रोक के कारण अटके करीब 400 औद्योगिक इकाइयों के एलएमवी-6 कनेक्शनों का रास्ता साफ हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने भविष्य में नए कनेक्शन देने का मार्ग भी प्रशस्त किया है, हालांकि इसके लिए नीरी और एनजीटी के पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा।
एलएमवी-6 बिजली कनेक्शन उन औद्योगिक इकाइयों को दिए जाते हैं, जहां मशीनरी का उपयोग होता है। ताजमहल को औद्योगिक प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से एनजीटी ने इन कनेक्शनों पर रोक लगा दी थी, जिसके चलते लगभग 400 उद्योगों को बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहे थे और अनेक नई इकाइयों की स्थापना भी प्रभावित हो रही थी। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जहां से उद्योगों को राहत मिल गई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए आगरा उत्तर के विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने इसे औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से एलएमवी-6 कनेक्शनों पर लगी रोक हटाने की मांग की जा रही थी। पिछले महीनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा दौरे के दौरान भी उन्होंने यह मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधानसभा के पिछले मानसून सत्र में भी उन्होंने यह मामला प्रमुखता से रखा था। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से आगरा की लगभग 400 औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिली है और भविष्य में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता भी खुल गया है। इससे उद्योगों में वर्षों से बनी अनिश्चितता समाप्त होगी तथा निवेश का माहौल मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आगरा के औद्योगिक विकास, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए मील का पत्थर साबित होगा। नए उद्योग स्थापित होने से बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में निवेश को भी नई गति मिलेगी। विधायक ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी पैरवी कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उद्योग, रोजगार और विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और यह फैसला उसी सकारात्मक सोच तथा प्रभावी प्रयासों का परिणाम है।










