मथुरा। मथुरा रिफाइनरी के एड्रिकफेरिक वैक्यूम यूनिट में मंगलवार देर शाम गैस रिसाव से तेज धमाके के साथ आग लग गई। धमाके की आवाज से लोग डर गए और पुलिस को सूचना दी। इधर आग की लपटों में घिरकर रिफाइनरी के दो अधिकारी समेत आठ लोग झुलस गए। घायलों में तीन की हालत चिंताजनक होने के कारण उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एड्रिकफेरिक वैक्यूम यूनिट में क्रूड ऑयल को फिल्टर किया जाता है। इस प्लांट में मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसलिए 40 दिन से प्लांट बंद था। मंगलवार शाम करीब सात बजे प्लांट फिर से शुरू करने की तैयारी थी। जैसे ही प्लांट शुरू किया गया। अचानक इसके वाल्व से गैस रिसाव होने लगा और देखते ही देखते तेज धमाके के साथ आग लग गई। काफी दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आगरा-दिल्ली हाईवे पर स्थित रिफाइनरी के बाहर कई किमी तक वह दिखाई दे रही थीं। आग की चपेट में आकर वहां मौजूद प्लांट के प्रोडक्शन मैनेजर राजीव अग्रवाल के साथ ही प्रोडक्शन मैनेजर समीर श्रीवास्तव, कर्मचारी इरफान, हरिशंकर, मूलचंद, सत्यभान, संतोष, अजय शर्मा बुरी तरह झुलस गए। सभी को रिफाइनरी में स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां अधिक झुलसे राजीव अग्रवाल के साथ ही इरफान और समीर को दिल्ली के अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि बाकी का उपचार स्थानीय स्तर पर चल रहा है। रिफाइनरी की पीआरओ रेनू पाठक ने बताया कि दो अधिकारियों समेत तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें अपोलो रेफर किया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हालांकि, उन्होंने धमाका होने से इनकार किया है।











