आगरा। सिटी एसओजी और न्यू आगरा थाना पुलिस ने एक ठेकेदार का अपहरण होने से बचा लिया है। अपहरण की घटना से पहले ही पांच बदमाशों को पकड़ लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि मास्टरमाइंड ने बेरोजगारी के चलते अपहरण की साजिश रची थी। इस साजिश में अपने दोस्तों को भी शामिल किया। अपहरण के बाद पुलिस से बचने के लिए उन्होंने यू-ट्यूब पर कई वीडियो देखे। प्लानिंग यह भी थी कि अपहरण करने के बाद ठेकेदार की पत्नी से फिरौती मांगेंगे।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि सिकंदरा कैलाश मोड कृष्णा कॉलोनी निवासी सूरज दक्ष के कॉलोनी में बिल्डिंग ठेकेदार अशोक कुमार रहते हैं। लंबे समय से सूरज कोई काम नहीं कर रहा था। ऐसे में उसकी आर्थिक स्थिति खराब थी। उसके ऊपर कुछ कर्जा भी था। ऐसे में उसने ठेकेदार का अपहरण करने का प्लान बनाया। अकेले वारदात को अंजाम न दे पाने के चलते उसने अपने दोस्त गौरव से संपर्क किया। उसे अपहरण का अपना प्लान बताया। गौरव उसका साथ देने को तैयार हो गया। उसने अपने तीन और दोस्तों को साथ ले लिया। सूरज और गौरव ने अपने दोस्तों के साथ ठेकेदार की रेकी करनी शुरू कर दी। पहले उन्होंने उसे ठेका देने के बहाने मिलने के लिए बुलाकर अपहरण करने की योजना बनाई थी, लेकिन ठेकेदार इनके चगुंल में नहीं आया। इसके बाद शनिवार को फिर अपहरण करने की योजना थी। मगर पुलिस ने पहले पकड़ लिया। डीसीपी ने बताया कि ठेकेदार अशोक कुमार की कमला नगर के मुगल रोड पर एक साइट चल रही है। बदमाशों ने योजना बनाई थी कि सुबह घर से निकलने के बाद वह व्यापारी का अपहरण कर लेंगे। इसके बाद कार में बैठाकर शहर में घूमते रहेंगे। सूरज ठेकेदार की पत्नी के साथ रहेगा। गौरव ओर उसके साथी उससे फिरौती मांगेंगे और रकम लेकर छोड़ देंगे। अपहरण से पहले पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ बदमाश निर्भय नगर में डकैती की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने इनको पकड़ लिया। जब पूछताछ की तो अपहरण की साजिश का खुलासा हुआ। पकड़े गए बदमाशों के नाम सूरज, सुनील, विनय, मनीष और सौरभ हैं। पकड़ने वाली टीम में सर्विलेंस प्रभारी अंकुर मलिक, एसओजी प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष न्यू आगरा राजीव कुमार, एसआई सत्येंद्र सिंह, अनुराग सिंह, नितिन यादव कांस्टेबल रुस्तम आदि शामिल रहे।











